पटना साहिब में श्रद्धा, एकता और सेवा का संगम
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,27 दिसंबर सिख धर्म के दसवें गुरु, दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना स्थित तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उपस्थित हुए और उन्होंने तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धा प्रकट किये.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न केवल तख्त श्रीहरिमंदिर जी में मत्था टेका, बल्कि गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत में भी शीश नवाकर राज्य की जनता के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना किया. यह जानकारी मुख्यमंत्री द्वारा अपने आधिकारिक X (Twitter) हैंडल @NitishKumar के माध्यम से साझा की गई है .

गुरु गोविंद सिंह जी: साहस, समानता और बलिदान के प्रतीक
श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज केवल सिख धर्म के गुरु ही नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास के महानतम समाज सुधारकों में से एक थे. उन्होंने अन्याय, अत्याचार और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया. खालसा पंथ की स्थापना कर उन्होंने समाज में समानता, साहस और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया था .
उनका जीवन संदेश देता है कि धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि न्याय, मानवता और सत्य के लिए संघर्ष का नाम है. प्रकाश पर्व के अवसर पर पटना साहिब में उमड़ी संगत इसी विचारधारा की जीवंत मिसाल रही.
पटना साहिब: सिख आस्था का पवित्र केंद्र
पटना साहिब सिख धर्म के पाँच तख्तों में से एक है और यह गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली होने के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है. हर वर्ष प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुंचते हैं.
इस वर्ष भी गुरुद्वारे को विशेष रूप से सजाया गया, शब्द कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, और पूरा वातावरण गुरु गोविंद सिंह जी के जयकारों से गूंज उठा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहभागिता का महत्व
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया. उन्होंने हमेशा से बिहार की गंगा-जमुनी तहज़ीब, धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता पर ज़ोर दिया है. प्रकाश पर्व पर उनकी मौजूदगी यह संदेश देती है कि बिहार सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का समान सम्मान करता है.
नीतीश कुमार ने मत्था टेकने के बाद राज्य की जनता के लिए शांति, खुशहाली और विकास की कामना किया , जो उनके समावेशी शासन दृष्टिकोण को दर्शाता है.
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X (Twitter) पोस्ट से मिला संदेश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने X पोस्ट में लिखा कि वे गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत में मत्था टेका.
यह पोस्ट केवल एक सूचना नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और सामाजिक एकता का सार्वजनिक संदेश भी है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिये लाखों लोगों तक पहुंचा.
धार्मिक आयोजनों से सामाजिक सौहार्द को मजबूती
ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आध्यात्मिक महत्व तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और शांति को भी मजबूत करते हैं. पटना साहिब में आयोजित प्रकाश पर्व ने यह साबित किया कि विविधताओं से भरा भारत, आस्था और सम्मान के सूत्र में बंधा हुआ है.
सरकार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ऐसे आयोजनों का सफल होना लोकतांत्रिक मूल्यों को भी सशक्त करता है.
निष्कर्ष
दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व पर पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहभागिता ने इस आयोजन को और गरिमा प्रदान किया.
गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन आज भी हमें सत्य, साहस, सेवा और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. बिहार की धरती से उठी यह श्रद्धा और प्रार्थना निश्चित ही राज्य और देश में शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी.

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