बिहार में विकास या विनाश? रोहतासगढ़ रोपवे हादसे ने खोली सरकार की पोल

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Ajit Kumar

बिहार
बिहार में विकास या विनाश? रोहतासगढ़ रोपवे हादसे ने खोली सरकार की पोल

रोहतासगढ़ रोपवे हादसा: एजाज अहमद का सरकार पर तीखा हमला

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,27 दिसंबर — बिहार में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा हो गया हैं.ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतासगढ़ में निर्मित रोपवे का गिरना केवल एक तकनीकी दुर्घटना नहीं, बल्कि यह भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और प्रशासनिक लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण बनकर सामने आया है. इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को ,भ्रष्टाचार और लूट का बेहतरीन उदाहरण, बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

रोपवे गिरने की घटना ने खोली व्यवस्था की पोल

एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में जिस तरह से लगातार पुल, पुलिया और अब रोपवे गिर रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य की बुनियादी ढांचा व्यवस्था कितनी खोखली हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की जगह कमीशन और बंदरबांट को प्राथमिकता दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी बिहार में कई पुल निर्माण के कुछ ही समय बाद धराशायी हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने न तो दोषियों पर ठोस कार्रवाई की और न ही सिस्टम में कोई सुधार किया है .

13 करोड़ 65 लाख की परियोजना पर गंभीर सवाल

रोहतासगढ़ रोपवे परियोजना लगभग 13 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया गया था . इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद परियोजना का शुरू होने से पहले ही गिर जाना, अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है.

एजाज अहमद ने कहा कि यह हादसा साफ तौर पर दर्शाता है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार किस हद तक हावी है. उन्होंने मांग कियाहै कि,

रोपवे निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाये.

ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो.

भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाये .

सत्ता संरक्षण में फल-फूल रहा भ्रष्टाचार

राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि बिहार में सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचार को खुली छूट दी जा रही है.इसी कारण भ्रष्ट अधिकारी और ठेकेदार बिना किसी डर के घटिया निर्माण कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं दोहराती रहेंगी.सरकार की चुप्पी यह साबित करती है कि या तो वह भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने में असफल है या फिर जानबूझकर इसे संरक्षण दे रही है.

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पर्यटन और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़

रोहतासगढ़ एक ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है. रोपवे परियोजना का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना था.लेकिन इस घटना ने न केवल सरकारी दावों की पोल खोल दी, बल्कि पर्यटकों और आम जनता की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं.

यदि यह रोपवे चालू हो चुका होता और उस समय कोई बड़ा हादसा होता, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था.इसे केवल संयोग नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का परिणाम माना जाना चाहिये.

जांच और जवाबदेही की मांग

एजाज अहमद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि,

पूरे मामले की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.

दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो.

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सिस्टम में सुधार किया जाए.

उन्होंने कहा कि राजद जनता के हितों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी.

निष्कर्ष

रोहतासगढ़ रोपवे गिरने की घटना केवल एक निर्माण हादसा नहीं है, बल्कि यह बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन चुकी है. यदि सरकार ने इस पर गंभीरता से कदम नहीं उठाए, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा.

अब समय आ गया है कि सरकार सिर्फ घोषणाओं से आगे बढ़े और दोषियों को सजा देकर यह साबित करे कि बिहार में कानून और जवाबदेही अभी भी ज़िंदा है.

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