कामरेड विनोद मिश्र की 27वीं शहादत दिवस पर फतुहा में श्रद्धांजलि सभा

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Ajit Kumar

बिहार
कामरेड विनोद मिश्र की 27वीं शहादत दिवस पर फतुहा में श्रद्धांजलि सभा

भाकपा माले प्रखंड कार्यालय, फतुहा, पटना (बिहार)

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,18 दिसंबर 2025— भारतीय वामपंथी आंदोलन के प्रेरणास्रोत और भाकपा (माले) के पूर्व महासचिव कामरेड विनोद मिश्र की 27वीं शहादत दिवस के अवसर पर आज दिनांक 18 दिसंबर 2025 को भाकपा माले प्रखंड कार्यालय, फतुहा में एक गरिमामय श्रद्धांजलि एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं, जनसंगठनों के प्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य कामरेड विनोद मिश्र के विचारों को याद करना, उनके संघर्षों से प्रेरणा लेना और वर्तमान समय में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का संकल्प दोहराना रहा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन

कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन

शहादत दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड सुदामा रविदास जी ने किया .अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि कामरेड विनोद मिश्र केवल एक नेता नहीं, बल्कि शोषित-वंचित समाज की आवाज थे. उन्होंने बिहार और देश में वर्ग संघर्ष, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जिस प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष किया, वह आज भी भाकपा माले के कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक है.

कार्यक्रम की शुरुआत कामरेड विनोद मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट के मौन के साथ किया गया . इसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन, विचारधारा और राजनीतिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला.

राम प्रवेश दास का संबोधन और संकल्प पत्र का पाठ

राम प्रवेश दास का संबोधन और संकल्प पत्र का पाठ

भाकपा माले फतुहा नगर सचिव कामरेड राम प्रवेश दास ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में कामरेड विनोद मिश्र के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र, संविधान और गरीबों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहा हैं.

इसी क्रम में उन्होंने संकल्प पत्र का पाठ किया, जिसमें यह संकल्प लिया गया कि,

बिहार में बढ़ते दमन, अन्याय और असमानता के खिलाफ संघर्ष को तेज किया जाएगा.

गरीबों, मजदूरों, किसानों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा.

संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली हर साजिश का डटकर विरोध किया जाएगा.

बुलडोजर राज्य के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन की अपील

बुलडोजर राज्य के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन की अपील

सभा के दौरान वक्ताओं ने बिहार में तथाकथित, बुलडोजर राज्य की प्रवृत्ति पर तीखी चिंता जाहिर किया . उन्होंने कहा कि बिना न्यायिक प्रक्रिया, बिना सुनवाई और बिना मानवीय संवेदना के गरीबों के घरों और रोज़गार पर बुलडोजर चलाना लोकतंत्र का अपमान है.

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह केवल घर गिराने का सवाल नहीं है, बल्कि यह गरीबों की गरिमा, सम्मान और जीवन के अधिकार पर सीधा हमला है.इसलिए भाकपा माले आने वाले दिनों में इस अन्याय के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन खड़ा करेगी और गांव-गांव, गली-गली जाकर जनता को संगठित करेगी.

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कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग

इस शहादत दिवस कार्यक्रम में पार्टी और जन आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इनमें मुख्य रूप से,

पंकज यादव, रविंद्र पासवान, सीता दास, लाल बाबू दास, जितेंद्र पासवान, दीना साव

रानी कुमारी, रोशनी खातून, रीता देवी, रेशमी देवी
सहित अन्य कई साथी और स्थानीय नागरिक शामिल थे. सभी ने एकजुट होकर कामरेड विनोद मिश्र के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

कामरेड विनोद मिश्र की विरासत

कामरेड विनोद मिश्र का जीवन संघर्ष, साहस और विचारधारात्मक दृढ़ता का प्रतीक रहा है.उन्होंने न केवल राजनीतिक संगठन खड़ा किया, बल्कि शोषित समाज को यह विश्वास भी दिलाया कि संगठित संघर्ष से बदलाव संभव है.उनकी सोच थी कि बिना सामाजिक न्याय के कोई भी विकास अधूरा है.

आज, जब देश और राज्य में कॉरपोरेटपरस्त नीतियां, सामाजिक विभाजन और दमन बढ़ रहा है, तब कामरेड विनोद मिश्र की वैचारिक विरासत नई पीढ़ी के लिए मशाल का काम कर रही है.

निष्कर्ष

फतुहा में आयोजित यह शहादत दिवस कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं था, बल्कि यह एक राजनीतिक संकल्प और संघर्ष की घोषणा भी था.भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे कामरेड विनोद मिश्र के रास्ते पर चलते हुए अन्याय, दमन और शोषण के खिलाफ संघर्ष को और तेज करेंगे.

कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि जनता की एकजुट ताकत ही लोकतंत्र को बचा सकती है और बिहार को एक न्यायपूर्ण, समानतामूलक और मानवीय राज्य बना सकती है.

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