वोटर लिस्ट SIR पर कांग्रेस का हमला, EC से जवाब की मांग
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,30 दिसंबर भारत का लोकतंत्र मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता पर टिका हुआ है. लेकिन हाल के दिनों में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कई सवाल खड़ा हुआ है. कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक X (Twitter) हैंडल @INCIndia के माध्यम से चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर चिंताएं जताई हैं.पार्टी का कहना है कि जिस तरीके से देशभर में SIR को जल्दबाज़ी में लागू किया जा रहा है, उसने भ्रम और डर का माहौल बना दिया है.
BLOs की ट्रेनिंग पर सवाल
कांग्रेस के अनुसार, देशभर के Booth Level Officers (BLOs) को न तो पर्याप्त ट्रेनिंग दी गई है और न ही स्पष्ट दिशा-निर्देश दिया गया. परिणामस्वरूप BLOs अपनी समझ के आधार पर काम कर रहे हैं, जिससे वे मानसिक दबाव में आ रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया है कि बीते कुछ समय में BLOs द्वारा आत्महत्या की घटनाओं की खबरें भी सामने आई हैं, जो पूरी प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाता हैं.
यह सवाल बेहद अहम है कि यदि जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारी ही असमंजस में हैं, तो मतदाता सूची की निष्पक्षता और विश्वसनीयता कैसे सुनिश्चित की जा सकती है.
10–15% जेन्युइन वोटरों के नाम कटने की आशंका
कांग्रेस का दावा है कि उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सामने आ चुकी है, और इनमें 10 से 15 प्रतिशत तक वास्तविक (Genuine) मतदाताओं के नाम कटने की आशंका है. यदि यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा.
मतदाता सूची से नाम कटना केवल एक प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि किसी नागरिक के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला है. यही कारण है कि इस मुद्दे पर विपक्ष की चिंता को हल्के में नहीं लिया जा सकता.
जल्दबाज़ी में SIR कराने का दबाव किसका?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया है कि SIR प्रक्रिया को इतनी Urgency में क्यों किया जा रहा है.
जब चुनाव आयोग बीते कई वर्षों से यह कहता रहा है कि भारत की वोटर लिस्ट पाक-साफ है, तो अचानक यह हड़बड़ी क्यों?
कांग्रेस का आरोप है कि जैसे ही पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के सबूत पेश किए, उसके बाद चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है. इससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि कहीं यह कदम किसी दबाव में तो नहीं उठाया जा रहा है.
चुनाव आयोग की चुप्पी क्यों?
कांग्रेस का सबसे बड़ा आरोप यह है कि चुनाव आयोग इन सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है .
पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में इतनी बड़ी प्रक्रिया को लेकर अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं है.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से स्पष्ट रूप से मांग किया है कि,
SIR की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए.
यह बताया जाए कि डुप्लीकेट वोट हटाने का काम कब शुरू हुआ और कब बंद हुआ.
क्या यह प्रक्रिया अभी भी जारी है या नहीं.
वह नया ऐप कौन-सा है, जिसके माध्यम से वोटर लिस्ट में बदलाव किए जा रहा हैं.
उस ऐप में पाई जा रही तार्किक विसंगतियों पर स्पष्टीकरण दिया जाए.
ये भी पढ़े :देश में तलवारें बाँटी जा रही हैं… देश किस दिशा में जा रही है?
ये भी पढ़े :उन्नाव रेप केस: सेंगर केस से क्या सबक लेगा राजनीतिक तंत्र और समाज?
नया ऐप और तकनीकी पारदर्शिता का सवाल
डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक का उपयोग गलत नहीं है, लेकिन तकनीकी पारदर्शिता उतनी ही जरूरी है.कांग्रेस ने जिस नए ऐप की बात उठाई है, उस पर संदेह इसलिए है क्योंकि इसके बारे में न तो सार्वजनिक जानकारी है और न ही स्पष्ट गाइडलाइंस.
यदि किसी तकनीकी माध्यम से लाखों मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए जा रहे हैं, तो यह जानना जनता का अधिकार है कि,
ऐप किसने बनाया , डेटा का स्रोत क्या है.
गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया क्या है.
लोकतंत्र में भरोसे का संकट
कांग्रेस का कहना है कि इन तमाम घटनाओं ने देश में भरोसे का संकट पैदा कर दिया है.
जब मतदाता को यह डर सताने लगे कि उसका नाम वोटर लिस्ट में रहेगा या नहीं, तो यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है.
मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक की पहचान है.अगर यही पहचान असुरक्षित हो जाए, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है.।
निष्कर्ष
Congress (@INCIndia) द्वारा उठाए गए सवाल केवल राजनीतिक आरोप नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही की मांग हैं. चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, और उससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्पष्ट संवाद की अपेक्षा की जाती है. आज जरूरत है कि,
चुनाव आयोग स्पष्ट जवाब दे , SIR प्रक्रिया को लेकर भ्रम दूर करे,
BLOs को उचित ट्रेनिंग और सुरक्षा प्रदान करे, और यह सुनिश्चित करे कि कोई भी जेन्युइन वोटर अपने अधिकार से वंचित न हो,
क्योंकि मजबूत लोकतंत्र की पहचान सिर्फ चुनाव कराने से नहीं, बल्कि हर नागरिक के वोट की सुरक्षा से होती है.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.



















