दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, माफी की मांग तेज
तीसरा पक्ष ब्यूरो दिल्ली 9 अप्रैल 2026: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयान को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. Iकांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge का अपमान किया है, जो न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद आपत्तिजनक है.
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X (Twitter) हैंडल के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा की भाषा में दलितों के प्रति नफरत और घृणा साफ झलकती है. पार्टी का मानना है कि यह बयान केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि पूरे दलित समाज के सम्मान पर चोट है.
विरोध प्रदर्शन ने पकड़ा जोर
इस विवाद के बाद दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इस प्रदर्शन का नेतृत्व Rajendra Pal Gautam ने किया, जो कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन हैं. उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और हिमंता बिस्वा सरमा के बयान के खिलाफ नारेबाजी किया.
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता को इस तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है.उन्होंने मांग किया है कि हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.
राजनीतिक और सामाजिक मायने
यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक मायने भी बेहद गहरा हैं. भारत जैसे देश में, जहां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों की बात की जाती है, वहां इस तरह के बयान गंभीर चिंता का विषय बन जाता हैं.
कांग्रेस का आरोप है कि यह घटना भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करती है. पार्टी का कहना है कि पिछले कुछ समय से भाजपा नेताओं की भाषा में इस तरह की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जो सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा है.
चुनावी राजनीति पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवाद आगामी चुनावों में भी असर डाल सकता हैं. दलित वोट बैंक भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और इस तरह के आरोप भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता हैं.
कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी में है.पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं. उनका कहना है कि अगर जल्द ही माफी नहीं मांगी गई, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा.
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सोशल मीडिया पर भी बवाल
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी काफी तूल पकड़ लिया है. X (Twitter), फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.जहां कांग्रेस समर्थक इस बयान की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, वहीं भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं. इससे साफ है कि यह मुद्दा अब केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है.
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.क्या वे माफी मांगेंगे या अपने बयान पर कायम रहेंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा.
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. यह मामला आने वाले दिनों में और भी ज्यादा तूल पकड़ सकता है और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है.

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