बाबा साहेब के विचारों को कमजोर किया जा रहा है — तेजस्वी यादव
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 14 अप्रैल 2026 — संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने राज्य कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया.इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने किया. इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और सामाजिक न्याय के समर्थक उपस्थित रहे.

बाबा साहेब के विचारों को कमजोर किया जा रहा है — तेजस्वी यादव
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय संविधान के माध्यम से पिछड़े, दलित, अतिपिछड़े और आदिवासी समाज को अधिकार दिलाने का काम किया.उन्होंने कहा कि आज के समय में उन विचारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है.
तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता के लिए ऐसे लोगों का साथ दिया जो बाबा साहेब और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ हैं. उन्होंने यह भी कहा कि गोडसेवादी सोच को बढ़ावा देना देश के सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक है.

सामाजिक न्याय और एकजुटता पर दिया जोर
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि आने वाले समय में पिछड़ा, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा. उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेगा और सदन से सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा.
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महिला आरक्षण और आर्थिक मुद्दों पर भी उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि आरक्षण में आरक्षण जरूरी है.उन्होंने मांग की कि महिलाओं के आरक्षण में एससी, एसटी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को उचित हिस्सेदारी मिले.
इसके अलावा उन्होंने बिहार सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही पेंशन.किसानों, मजदूरों और युवाओं की स्थिति चिंताजनक है और सरकार केवल सत्ता बचाने में लगी हुई है.

दलित छात्रों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा दलित समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित करना रहा। इस दौरान छात्रा सोनी कुमारी और छात्र विकास कुमार मल्लिक (इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन) तथा चंदन मल्लिक (मैट्रिक में प्रथम श्रेणी) को शॉल और 5100 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया.
इस पहल को सामाजिक न्याय और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

नेताओं की बड़ी मौजूदगी और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं जैसे अब्दुलबारी सिद्दिकी, रामचंद्र पूर्वे, कांति सिंह, जयप्रकाश नारायण यादव सहित अनेक नेताओं की उपस्थिति रही। सभी ने बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई और तेजस्वी यादव का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया गया.
निष्कर्ष
अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की बहस को तेज कर दिया है. तेजस्वी प्रसाद यादव ने जहां एक ओर सरकार पर तीखा हमला बोला, वहीं दूसरी ओर दलित छात्रों को सम्मानित कर सकारात्मक संदेश भी दिया.
राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह साफ है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय और आरक्षण जैसे मुद्दे केंद्र में रहने वाले हैं.

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