भाजपा के ओबीसी प्रदेश प्रवक्ता भरत चौरसिया ने थामा राजद का दामन

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Ajit Kumar

बिहार
पटना में राजद की सदस्यता ग्रहण करते भाजपा नेता भरत चौरसिया के साथ पार्टी पदाधिकारी

पटना में राजद नेताओं ने कराया सदस्यता ग्रहण

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 18 मई 2026: बिहार की राजनीति में सोमवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता भरत भगत उर्फ भरत चौरसिया ने भाजपा की सदस्यता छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया है.पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय, 2 वीरचंद पटेल पथ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से राजद की सदस्यता ग्रहण किया.

राजद नेताओं ने भरत चौरसिया का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती देने वाला कदम बताया. कार्यक्रम में राजद के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

राजद नेताओं ने किया स्वागत

राजद की सदस्यता ग्रहण कराने के दौरान पार्टी के प्रधान महासचिव रणविजय विजय साहू ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा से ओबीसी समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है.उन्होंने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पिछड़े वर्गों के हितों के लिए लगातार संघर्ष और कुर्बानी दी है.

रणविजय साहू ने कहा कि भरत चौरसिया जैसे नेताओं के पार्टी में आने से संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा सामाजिक न्याय की विचारधारा को व्यापक समर्थन मिलेगा.

भोला यादव ने अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने भरत चौरसिया को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव की नीतियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग राजद से जुड़ रहे हैं.

भोला यादव ने भरोसा जताया कि भरत चौरसिया पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.वहीं, राजद प्रदेश महासचिव भाई अरुण और बली यादव ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया.

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दरभंगा से आते हैं भरत चौरसिया

भरत भगत उर्फ भरत चौरसिया मूल रूप से दरभंगा के निवासी हैं और भाजपा में ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में सक्रिय थे. उनके राजद में शामिल होने को बिहार की ओबीसी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावों को देखते हुए विभिन्न दलों में नेताओं के आने-जाने का सिलसिला तेज हो गया है.ऐसे में भाजपा के ओबीसी चेहरे का राजद में शामिल होना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है.

बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

भरत चौरसिया के राजद में शामिल होने के बाद बिहार की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. राजद इसे सामाजिक न्याय की राजनीति की जीत बता रहा है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

राजद नेताओं का दावा है कि तेजस्वी यादव की नीतियों और सामाजिक समीकरणों के कारण लगातार विभिन्न दलों के नेता राजद से जुड़ रहे हैं.आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है.

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