NEET पेपर लीक पर फिर गरमाई राजनीति, Atash ने मोदी सरकार से पूछे बड़े सवाल

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Ajit Kumar

भारत
Atishi ने NEET पेपर लीक मामले में मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई

4 बार NEET पेपर लीक होना देश के युवाओं के भविष्य पर हमला — Atishi

तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली 13 मई 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गया है.आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री आतिशी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गंभीर सवाल खड़ा किया है. Atishi ने अपने X (Twitter) पोस्ट में कहा है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में चार बार NEET का पेपर लीक हो चुका है, जिससे लाखों छात्रों की मेहनत और उनके परिवारों के सपने टूट गया है.

उन्होंने कहा कि वर्षों तक दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य कुछ मिनटों में बर्बाद हो जाता है, लेकिन पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती है.Atishi ने सवाल उठाया है कि आखिर इन आरोपियों को कौन बचा रहा है और अब देश के युवाओं को जवाब कौन देगा.

NEET परीक्षा और छात्रों की मेहनत

NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपनों का रास्ता है.हर साल देशभर से लगभग 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल होता हैं. छात्र कई वर्षों तक कोचिंग, पढ़ाई और मानसिक दबाव के बीच तैयारी करता हैं. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपनी जमा पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करता हैं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.

लेकिन जब परीक्षा से पहले पेपर लीक की खबरें सामने आती हैं, तो छात्रों का आत्मविश्वास टूट जाता है.कई छात्र मानसिक तनाव का शिकार हो जाता हैं. अभिभावकों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो जाता है क्योंकि मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है.

Atishi ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Atishi ने कहा है कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं यह दिखाती हैं कि परीक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही है.उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार हर बार जांच और कार्रवाई का भरोसा देती है, लेकिन असली दोषियों तक पहुंच नहीं बन पाती है.

उनके अनुसार, अगर देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाएं सुरक्षित नहीं रह जाएंगी, तो युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा.उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा मामला है.

AAP नेता ने अपने पोस्ट में कहा है कि युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय पर प्रधानमंत्री को सीधे जवाब देना चाहिए. उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है.

विपक्ष लगातार उठा रहा है मुद्दा

NEET पेपर लीक को लेकर विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा हैं.कई राजनीतिक नेताओं ने परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.विपक्ष का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो बार-बार ऐसी घटनाएं नहीं होतीं.

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे युवाओं के बीच सबसे संवेदनशील हैं.ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं सरकार की छवि पर भी असर डालता हैं. सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार देखने को मिल रहा है.

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ रहा गुस्सा

पेपर लीक की घटनाओं के बाद छात्रों में नाराजगी साफ दिखाई देती है.कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं.छात्रों का कहना है कि जब परीक्षा प्रणाली ही सुरक्षित नहीं होगी, तो मेहनत का क्या मतलब रह जाएगा.

अभिभावकों का भी मानना है कि सरकार को परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कठोर कानून लागू करने चाहिए.केवल छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना होगा.

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और पारदर्शी जांच व्यवस्था को मजबूत किए बिना ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा.

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शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि जब प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता कमजोर होती है, तो युवाओं का भरोसा भी टूटता है. इसका असर देश की प्रतिभा और भविष्य दोनों पर पड़ सकता है.

आज लाखों युवा सरकारी नौकरियों और प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश के लिए कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं. ऐसे में यदि परीक्षाएं निष्पक्ष नहीं होंगी, तो मेहनती छात्रों का मनोबल गिरना स्वाभाविक है.

युवाओं को जवाब चाहिए

Atishi के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है.छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि सरकार केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई करे. पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ तेज और निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों को सख्त सजा मिले.

देश के युवा अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी मेहनत और भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा.NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार हो रही गड़बड़ियां यह संकेत देती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की जरूरत है.

अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में छात्रों का भरोसा और भी कमजोर हो सकता है.यही कारण है कि अब पूरा देश इस मुद्दे पर सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है.

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