बिहार में TRE-4 भर्ती को लेकर बढ़ा विवाद, युवाओं के समर्थन में उतरे तेजस्वी
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,8 मई 2026: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से नई वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है. इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता Tejashwi Yadav ने NDA सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और रोजगार मांगने वाले छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं.
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा है कि बिहार में नेताओं के बच्चों को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि मेहनत कर पढ़ाई करने वाले युवाओं को नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि TRE-4 वैकेंसी जारी करने का वादा चुनाव से पहले किया गया था, लेकिन सरकार बनने के महीनों बाद भी कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई.

TRE-4 भर्ती की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
बिहार में पिछले कुछ दिनों से TRE-4 भर्ती को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और सरकार ने चुनावी मंचों से नई भर्ती निकालने का आश्वासन दिया था. लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलने से युवाओं में असंतोष है.
इसी मांग को लेकर कई जिलों में प्रदर्शन भी हुआ है प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने इस मुद्दे को और बड़ा बना दिया है.
तेजस्वी यादव ने इसी घटना को लेकर NDA सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है.उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रोजगार मांगना अपराध कैसे हो गया?
अपने बच्चों को मंत्री, युवाओं पर लाठी – तेजस्वी यादव
अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव ने सीधे NDA नेताओं पर परिवारवाद का आरोप लगाया.उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे नेता अपने परिवार के लोगों को मंत्री बना रहे हैं, लेकिन आम युवाओं को रोजगार देने में सरकार असफल साबित हो रही है.
उन्होंने लिखा कि बिहार के लाखों युवाओं ने वर्षों मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है. उन्हें उम्मीद थी कि TRE-4 भर्ती जल्द आएगी और उन्हें मौका मिलेगा. लेकिन सरकार केवल वादे कर रही है और जब युवा जवाब मांगते हैं तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है.
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बिहार में बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है. खासकर शिक्षक भर्ती से जुड़े लाखों अभ्यर्थियों का गुस्सा सरकार के लिए चुनौती बन सकता है.
बिहार में रोजगार और भर्ती परीक्षा का बड़ा सवाल
बिहार लंबे समय से बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में देरी को लेकर चर्चा में रहा है.शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में लगातार देरी होने से अभ्यर्थियों में निराशा देखी जा रही है.
TRE-4 भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं का कहना है कि वे केवल परीक्षा आयोजित कराने और वैकेंसी जारी करने की मांग कर रहे हैं.उनका कहना है कि अगर सरकार भर्ती प्रक्रिया समय पर शुरू करे तो लाखों युवाओं को राहत मिल सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में रोजगार केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है. बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और भर्ती में देरी सीधे उनके भविष्य को प्रभावित करती है.
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सोशल मीडिया पर तेज हुआ समर्थन
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है. कई यूजर्स ने छात्रों के समर्थन में पोस्ट किए, जबकि कुछ लोगों ने सरकार का पक्ष भी रखा.
युवाओं का कहना है कि वे केवल अपने अधिकार और रोजगार की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं है.वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाने की कोशिश कर रहा है.
क्या TRE-4 बनेगा बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा?
बिहार में शिक्षा और रोजगार हमेशा से संवेदनशील मुद्दे रहे हैं.TRE-4 भर्ती को लेकर बढ़ता विवाद आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और बड़ा रूप ले सकता है. विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य और सरकार की वादाखिलाफी से जोड़कर जनता के बीच ले जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में साफ कहा कि बिहार के युवा NDA सरकार की वादाखिलाफी को नहीं भूलेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं पर अत्याचार कर रही है.
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार TRE-4 भर्ती को लेकर क्या फैसला लेती है और क्या अभ्यर्थियों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं.
निष्कर्ष
TRE-4 भर्ती को लेकर बिहार में युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है. एक तरफ लाखों अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं.तेजस्वी यादव के बयान ने इस विवाद को और तेज कर दिया है.
अब सवाल यही है कि क्या बिहार सरकार युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेकर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी, या फिर यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक आंदोलन बनेगा.

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