TRE-4 में सीमित पदों की अधियाचना को लेकर अरुण कुमार यादव ने बिहार सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना :बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार पर शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. राजद का कहना है कि सरकार ने पहले बड़े पैमाने पर शिक्षक नियुक्ति का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को केवल 32,388 पदों की अधियाचना भेजी गई है.
राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस निर्णय को लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के हितों के खिलाफ बताया है.
राजद का आरोप: सरकार अपने ही वादे से पीछे हटी
अरुण कुमार यादव ने कहा कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे और उस समय तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थे तब उसने कई अवसरों पर चौथे चरण में 1 लाख 20 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की बात कही थी. उनके अनुसार, सरकार द्वारा अब केवल 32,388 पदों की अधियाचना भेजना अपने ही सार्वजनिक दावों से पीछे हटने जैसा है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि इससे राज्य के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है और सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर भी सवाल खड़ा होता है.
सरकारी विद्यालयों में अभी भी बड़ी संख्या में पद खाली होने का दावा
राजद प्रवक्ता का कहना है कि बिहार के सरकारी विद्यालयों में अभी भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं. उनके अनुसार, यदि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहती और युवाओं को रोजगार देने के अपने दावों पर कायम रहती, तो चौथे चरण में अधिक संख्या में शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करती.
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है.
युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया
प्रेस विज्ञप्ति में राजद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है. पार्टी का कहना है कि शिक्षक भर्ती जैसे विषय पर वह आगे भी सरकार से जवाब मांगती रहेगी और अभ्यर्थियों की आवाज उठाती रहेगी.
राजद ने यह भी कहा कि शिक्षक भर्ती केवल रोजगार का विषय नहीं बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है.
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TRE-4 विवाद का राजनीतिक महत्व
बिहार में शिक्षक भर्ती पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रही है. प्रत्येक भर्ती चरण में पदों की संख्या, भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं.
TRE-4 के तहत भेजी गई अधियाचना को लेकर भी विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस विषय पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.
निष्कर्ष
TRE-4 में 32,388 शिक्षकों के पदों की अधियाचना को लेकर बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है.राजद ने इसे सरकार की वादाखिलाफी बताते हुए लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ अन्याय का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, इस मुद्दे पर अंतिम स्थिति सरकार के आधिकारिक स्पष्टीकरण और आगामी भर्ती प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी.
नोट: यह लेख राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है, इसमें व्यक्त आरोप और दावे संबंधित पक्ष के हैं.

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