तेजस्वी यादव का बड़ा सवाल: AK-47 फायरिंग की न्यायिक जांच कब?

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Ajit Kumar

बिहार
तेजस्वी यादव छात्र आंदोलन और AK-47 फायरिंग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए

राजभवन मार्च से पहले तेजस्वी ने सरकार से फायरिंग, हथियार और कमांड चेन पर मांगा जवाब

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 18 अगस्त 2026: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित गोलीकांड को लेकर बिहार सरकार पर गंभीर सवाल उठाया हैं. उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन, जिसे अब लोकभवन कहा जा रहा है, मार्च में छात्र, युवा और आम लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे. तेजस्वी यादव ने लोगों से इस मार्च में भाग लेने की अपील भी की है.

AK-47 के इस्तेमाल पर सरकार से जवाब की मांग

पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस और फायरिंग की घटनाएं हुईं. उन्होंने विशेष रूप से AK-47 के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान आधुनिक हथियार के इस्तेमाल की अनुमति किस स्तर से मिली.

तेजस्वी यादव ने मांग किया कि फायरिंग की पूरी कमांड चेन की जांच होनी चाहिए. उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी हुआ, उसे जारी करने की अनुमति किसने दी और आरोपी जवान किस इकाई में तैनात था.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या संबंधित जवान नियमित जिला पुलिस का हिस्सा था या किसी विशेष इकाई, जैसे STF अथवा किसी अन्य बल से जुड़ा था.इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि भीड़ नियंत्रण के लिए फायरिंग की अनुमति किस अधिकारी ने दी और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई.

सीवान और जहानाबाद की घटनाओं को लेकर सवाल

तेजस्वी यादव ने सीवान और जहानाबाद में हुई कथित फायरिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है. उनके अनुसार, सीवान के तीन लोग गोली लगने से घायल हुए और उनका पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज हुआ.

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी प्रदर्शन के दौरान गोली चली तो कारतूसों का पूरा हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है.उन्होंने हथियारों की तैनाती, गोला-बारूद के आवंटन और कानून-व्यवस्था की निगरानी से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट करने की मांग की है.

तेजस्वी यादव ने सीवान के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई का सवाल उठाया और कहा कि केवल एक सिपाही पर कार्रवाई करके पूरे मामले की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती है.उन्होंने फायरिंग की न्यायिक जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी है.

केंद्र और राज्य सरकार के बयानों पर भी निशाना

संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार के बयानों में कथित विरोधाभास का मुद्दा भी उठाया.उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के संसद में दिए गए कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि वहां गोलियां नहीं चलने की बात कही गई, जबकि बिहार सरकार के शपथपत्र में फायरिंग होने की बात स्वीकार किए जाने का उनका दावा है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों से मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और बढ़ जाती है.उनका कहना है कि छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच कर जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखी जानी चाहिए.

पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला

राजद नेता ने छात्र आंदोलन को केवल एक घटना तक सीमित न बताते हुए इसे बिहार में रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक संकट से जोड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पेपर लीक की घटनाओं के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है और परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार दिखाई नहीं दे रहे हैं.

तेजस्वी यादव ने बिहार में बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि जिस नए बिहार की बात की जाती है, उसमें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में आम युवाओं को क्या वास्तविक बदलाव मिला.

उन्होंने सरकार पर विभिन्न घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए.

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19 अगस्त के राजभवन मार्च पर सबकी नजर

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 19 अगस्त के आंदोलन को रोकने के लिए छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है. उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ संवाद करने की अपील की है .

उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपने भविष्य, रोजगार तथा निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में सरकार को आंदोलन दबाने के बजाय उनके सवालों का जवाब देना चाहिए.

RE-4 अभ्यर्थियों से भी मिले तेजस्वी

संवाददाता सम्मेलन के बाद तेजस्वी यादव गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने RE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल छात्रों और नेताओं से मुलाकात की.उन्होंने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल विचार करने और जायज मांगों को पूरा करने की अपील की है.

निष्कर्ष

तेजस्वी यादव की मांगों के केंद्र में छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित फायरिंग की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, AK-47 के इस्तेमाल की जिम्मेदारी तय करना तथा पेपर लीक और भर्ती व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे हैं। अब 19 अगस्त के राजभवन मार्च और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी.सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि फायरिंग की अनुमति किस स्तर पर दी गई और घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या सरकार न्यायिक जांच का रास्ता अपनाएगी.

नोट: इस रिपोर्ट में फायरिंग, AK-47 के इस्तेमाल, सरकारी शपथपत्र और संबंधित अधिकारियों की भूमिका से जुड़े आरोपों को तेजस्वी प्रसाद यादव के संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

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