मोदी बनाम तेजस्वी: वंदे भारत नहीं, बंद मिल चाहिए चालू!

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kmSudha

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मोदी बनाम तेजस्वी: वंदे भारत नहीं, बंद मिल चाहिए चालू!

“नीतीश की चुप्पी, अपराधियों की सरपट दौड़: बिहार में सुरक्षित कोई नहीं – तेजस्वी”

तीसरा पक्ष डेस्क,पटना: बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे पर तीखा हमला बोला है. संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने कहा कि पीएम मोदी बिना टेलीप्रॉम्प्टर के एक शब्द नहीं बोल पाते और जब बिहार आते हैं, तो केवल “जुमलों की बारिश” करते हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी बार-बार बिहार में वंदे भारत जैसी महंगी ट्रेन की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि बिहार की आम जनता के लिए उन्होंने कौन सी फैक्ट्री, नौकरी या बंद पड़ी चीनी मिलें चालू करवाईं? तेजस्वी ने याद दिलाया कि 2015 में खुद पीएम मोदी ने कहा था कि “बंद पड़ी चीनी मिलें चालू करवा कर उसी चीनी से बिहार में चाय पिएंगे”, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ. इसके उलट, तेजस्वी ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में रीगा चीनी मिल को चालू किया और सीतामढ़ी के लोगों के लिए रोजगार का साधन उपलब्ध करवाया.

लालू यादव बनाम नरेंद्र मोदी: किसने दिया बिहार को क्या?

मोदी बनाम तेजस्वी: वंदे भारत नहीं, बंद मिल चाहिए चालू!
तेजस्वी प्रसाद यादव संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजद कार्यालय कर्पूरी सभागार पटना

तेजस्वी ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि रेल इंजन कारखाना, पहिया कारखाना, डिब्बा कारखाना लालू जी की देन है, जिससे आज बिहार में बनने वाले इंजन विदेश भेजे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “लालू जी ने रेलवे को मुनाफे में पहुंचाया, किराया घटाया और आम यात्रियों को राहत दी. वहीं, मोदी जी ने सिर्फ दिखावटी ट्रेनें चलाईं, जो आम बिहारी की पहुंच से बाहर हैं.”

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भीड़ सरकारी खर्च से, रोजगार कहाँ है?

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मोदी की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए प्रशासन और सरकारी संसाधनों का उपयोग होता है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 2005 से पहले ऐसा होता था? उन्होंने कहा कि 20 वर्षों की एनडीए सरकार ने बिहार को बेरोजगारी, पलायन और बदहाल शिक्षा-चिकित्सा प्रणाली दी है.

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“बिहार को ठगने नहीं देंगे”

तेजस्वी ने दो टूक कहा कि बिहार अब ठगाने वाला नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने बिहार में आईटी पार्क, टेक्सटाइल पार्क, मेडिकल सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन जैसे मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की, सिर्फ जुमले बोले और चले गए.

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“अचेत मुख्यमंत्री और अपराध का बोलबाला”

उन्होंने नीतीश कुमार पर भी हमला बोला और कहा कि मुख्यमंत्री को शहीद परिवारों से मिलने का समय नहीं मिलता, लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री आते हैं, नीतीश उनके मंच पर नजर आते हैं. तेजस्वी ने कहा कि आज बिहार में अपराध इस कदर बढ़ चुका है कि मंत्री और जजों के घर के सामने भी गोलियां चल रही हैं. “जब खास लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा?”

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“बाबा साहब का अपमान और भाजपा की चुप्पी”

तेजस्वी यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रति लालू यादव के सम्मान को याद करते हुए कहा कि पटना हाई कोर्ट के पास लगी उनकी प्रतिमा उसी का प्रमाण है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा नेता अमित शाह ने बाबा साहब का अपमान किया तो प्रधानमंत्री मोदी ने उस पर चुप्पी क्यों साधी?

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संविधान विरोधी ताकतों का पर्दाफाश जरूरी: तेजस्वी

तेजस्वी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि यह पार्टी दलित, पिछड़ा, शोषित-वंचित विरोधी है और आरक्षण को खत्म करने की साजिश में लगी है. उन्होंने कहा कि जब दलित बेटी पर अत्याचार हुआ और इलाज में लापरवाही से उसकी मौत हुई, तब भी मोदी सरकार मौन थी.

सम्मेलन में शामिल रहे कई प्रमुख नेता
निष्कर्ष:

तेजस्वी यादव ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों पर जोरदार प्रहार किया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि बिहार अब भाषण से नहीं, ठोस काम से आगे बढ़ेगा। RJD ने चुनावी मोर्चे पर यह दिखा दिया है कि वे अब सीधी लड़ाई के मूड में हैं – मुद्दों के साथ, तथ्यों के साथ.

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