दीघा व फुलवारी में माले उम्मीदवारों के समर्थन में महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 2 नवंबर 2025—बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, महागठबंधन के नेताओं ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है.शनिवार को राजधानी पटना की सड़कों पर कांग्रेस के लोकप्रिय सांसद और कवि इमरान प्रतापगढ़ी के रोड शो ने महागठबंधन के लिए माहौल को और ऊर्जावान बना दिया है
इमरान प्रतापगढ़ी ने आज दीघा विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन समर्थित माले उम्मीदवार दिव्या गौतम के समर्थन में एक भव्य रोड शो किया। बेली रोड स्थित पारस अस्पताल से समनपुरा तक खुले वाहन में उन्होंने जनता का अभिवादन किया और जगह-जगह रुककर समर्थकों को संबोधित किया.
बिहार में बदलाव की लहर तेज: अब बिहार का बेटा-बेटी ही चलाएगा बिहार
रोड शो के दौरान इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि,
बिहार में सरकार बदलना अब जरूरी हो गया है.अब कोई बाहर का नहीं, बल्कि बिहार का अपना बेटा-बेटी ही बिहार चलाएगा. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार आने वाली है.
उन्होंने कहा कि दिव्या गौतम जैसी पढ़ी-लिखी, ईमानदार और समाजसेवा में सक्रिय युवती ही दीघा जैसे क्षेत्र का असली प्रतिनिधित्व कर सकती हैं. इमरान ने जनता से अपील किया कि वे दिव्या गौतम को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि बिहार में शिक्षा, रोजगार और सम्मान की राजनीति को मजबूती मिले.
दिव्या गौतम के समर्थन में जबरदस्त उत्साह
रोड शो में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.सड़कों के दोनों ओर खड़े नागरिकों ने फूल बरसाकर इमरान प्रतापगढ़ी और दिव्या गौतम का स्वागत किया.जगह-जगह नारे गूंजते रहे — बदलाव की बयार है, महागठबंधन की सरकार है,बिहार का बेटा-बेटी, अब करेगा सत्ता की खेती.
दिव्या गौतम ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि वे दीघा की जनता की हर समस्या — बिजली, पानी, सड़क, बेरोज़गारी और महिलाओं की सुरक्षा — पर प्राथमिकता से काम करेंगी.उन्होंने कहा, यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, सोच बदलने का है.जनता अगर साथ देगी तो दीघा को एक आदर्श क्षेत्र बनाकर दिखाऊंगी.
फुलवारीशरीफ में भी किया जनसंपर्क
दीघा के बाद इमरान प्रतापगढ़ी का काफिला फुलवारीशरीफ पहुंचा, जहाँ उन्होंने माले उम्मीदवार और मौजूदा विधायक का. गोपाल रविदास के समर्थन में भी प्रचार किया.
उन्होंने कहा कि गोपाल रविदास जैसे नेता जनता की आवाज़ हैं, जिन्होंने हमेशा गरीबों, दलितों और मजदूरों के लिए संघर्ष किया है.अब वक्त है कि बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक नई शुरुआत की जाए.
इस मौके पर एमएलसी शशि यादव, राजद और कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता, तथा माले के सैकड़ों साथी मौजूद थे.जनसंपर्क अभियान में युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी गई, जो आने वाले चुनावी रुझान का संकेत देती है.
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माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य की जनसभाएं
इधर, महागठबंधन की दूसरी बड़ी घटक भाकपा-माले के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने भी दीघा और फुलवारी क्षेत्रों में कई जनसभाएं किया .
उन्होंने कहा कि,
इस बार बिहार में एनडीए की विदाई तय है. जनता अब झूठे वादों से तंग आ चुकी है. बिहार के युवा रोजगार चाहते हैं, किसान सम्मान चाहते हैं और महिलाएं सुरक्षा व अधिकार.
दीपंकर भट्टाचार्य ने दीघा के चितकोहरा, पुनाईचक सब्ज़ी मंडी, और दीघा घाट में आयोजित सभाओं में माले और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगे. उन्होंने कहा कि बिहार का भविष्य जनता के हाथ में है — अगर जनता बदलाव का फैसला करेगी, तो बिहार में नया इतिहास लिखा जाएगा.
महागठबंधन के लिए ऊर्जा से भरा दिन
पटना के दीघा और फुलवारी विधानसभा क्षेत्र में शनिवार का दिन महागठबंधन की एकजुटता और जनसंपर्क शक्ति का प्रतीक साबित हुआ.कांग्रेस, राजद और माले — तीनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मिलकर माहौल को चुनावी जोश से भर दिया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के साझा रोड शो और जनसभाओं से महागठबंधन के वोटों का तालमेल मजबूत होगा और जनता के बीच एकजुट विपक्ष की छवि और प्रबल बनेगी.
निष्कर्ष
इमरान प्रतापगढ़ी का यह रोड शो सिर्फ प्रचार कार्यक्रम नहीं बल्कि बदलाव के एक नए संदेश का प्रतीक था. पटना की जनता ने जिस तरह से इस अभियान में उत्साह दिखाया, उससे साफ है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन की लहर तेज होती जा रही है.
अब देखना यह होगा कि यह लहर मतदान के दिन किस दिशा में जाती है — लेकिन इतना तय है कि बिहार की सियासत इस बार सिर्फ नेताओं की नहीं, बल्कि जनता की इच्छा से तय होगी.

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