सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प दोहराया
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,पटना, 6 दिसम्बर 2025 राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्य कार्यालय में आज भारतरत्न, भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के महान पुरोधा डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि एवं बाबरी मस्जिद शहादत दिवस का कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया.इस अवसर पर बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखा गया और उनकी महान विरासत को स्मरण किया गया.
डॉ. अंबेडकर: संविधान निर्माता से राष्ट्र निर्माता तक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि,
डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल भारतीय संविधान के निर्माता ही नहीं थे, बल्कि वे भारत के राष्ट्र निर्माता भी थे. वे उच्च कोटि के विद्वान, चिंतक और सामाजिक सुधारक थे.उनका योगदान सदियों तक याद किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जीवनभर
दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया,
छुआछूत, भेदभाव और सामाजिक विषमता के खिलाफ आवाज उठाई,
और समता व न्याय आधारित समाज के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
मंडल ने कहा कि आज देश में जो भी सामाजिक परिवर्तन और हाशिये के वर्गों का उत्थान दिखाई देता है, उसकी बुनियाद बाबा साहब द्वारा बनाए गए संविधान में निहित है. उन्होंने हज़ारों वर्षों के दमन को समाप्त कर भारत को एक आधुनिक, लोकतांत्रिक और समानतामूलक राष्ट्र बनाने का कार्य किया.

बाबरी मस्जिद विध्वंस पर शोक और संवेदना
राजद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस को भी याद किया गया.
श्री मंडल ने इस घटना को भारतीय इतिहास के दुःखद और पीड़ादायक क्षणों में से एक बताया और कहा कि ऐसी घटनाएँ देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को कमजोर करती हैं.
उन्होंने कहा,
शहादत दिवस पर हम सिर्फ़ शोक ही नहीं मनाते, बल्कि यह संकल्प भी लेते हैं कि देश में सांप्रदायिक सद्भाव, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करेंगे.
इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर सामाजिक एकता और शांति की प्रार्थना की गई.
संविधान में शामिल अधिकार—बाबा साहब की अमर देन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि
डॉ. अंबेडकर ने संविधान में वह संरचना दी जिसके कारण दलित, पिछड़े, महिलाएँ, धार्मिक अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वर्गों को अधिकार और सम्मान मिला है.
उनके प्रयासों से, सामाजिक न्याय,
समान अवसर, आरक्षण व्यवस्था,
मौलिक अधिकार ,जैसे प्रावधान संविधान का हिस्सा बने.
वक्ताओं का कहना था कि यह समानता-आधारित व्यवस्था आज भी देश की लोकतांत्रिक मजबूती का आधार है.
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कार्यक्रम में शामिल प्रमुख नेता और कार्यकर्ता
डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए.
इनमें प्रमुख रूप से उपस्थित थे,
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. तनवीर हसन, पूर्व मंत्री डॉ. शमीम अहमद, प्रोफेसर चंद्रशेखर
प्रधान महासचिव रणविजय साहू, पूर्व विधायक दिलीप कुमार यादव, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, महासचिव प्रमोद कुमार राम
मदन शर्मा, फैयाज आलम कमाल, निर्भय अंबेडकर, भाई अरुण कुमार, डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता, विजय कुमार यादव, ई. प्रभास कुमार
श्री धनिक लाल, धीरेंद्र कुमार, फैजुर रहमान फैज, रामकृष्ण मंडल, राजेश रजनीश, मोहम्मद ताहिर हुसैन
अविनाश मंडल, रामनारायण विश्वास, मोहम्मद नजीरुद्दीन, कौशल यादव, उपेंद्र चंद्रवंशी, रीना चौधरी, हरेंद्र कुशवाहा, गणेश कुमार यादव
चंदेश्वर प्रसाद सिंह, जमशेद आलम, गुड्डू यादव, प्रोफेसर ललन कुमार, भूप नारायण यादव, प्रमोद यादव
सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया.
राजद का संदेश: सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना को बचाए रखने के अपने संकल्प पर हमेशा कायम रहेगी.
उन्होंने कहा कि आज जब देश में विभाजनकारी ताकतें सक्रिय हैं, तब बाबा साहब की विचारधारा को आगे बढ़ाना और भी आवश्यक हो गया है.

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