बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और सामाजिक न्याय पर डॉ. जायसवाल का संदेश
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 6 दिसंबर 2025: भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भाजपा अनुसूचित मोर्चा द्वारा पटना के चितकोहरा स्थित अम्बेडकर चौक पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया .
डॉ. जायसवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बाबा साहेब के जीवन-संघर्ष, उनके सामाजिक न्याय और समानता आधारित भारत निर्माण के अमर संकल्पों को साझा किया.उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में सामाजिक समरसता, संवैधानिक मर्यादाओं और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए जो मार्गदर्शन दिया, वह आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है.
बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और उन्हें व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है.– डॉ. दिलीप जायसवाल
डॉ. जायसवाल ने आगे कहा कि बाबा साहेब ने जमीन से आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए अथक परिश्रम किया है.उन्होंने सामाजिक भेदभाव और रूढ़िगत विषमताओं से जकड़े समाज को नई दिशा दी है. बाबा साहेब ने कोटि-कोटि वंचितों, दलितों और अतिपिछड़ों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में संघर्ष किया और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने का मार्ग प्रशस्त किया.
इस अवसर पर डॉ. जायसवाल ने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन नहीं है, बल्कि यह हमारे लिए प्रेरणा दिवस भी है.बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, उनके आदर्श और उनके द्वारा स्थापित सिद्धांत हमें यह सिखाते हैं कि चुनौतियों और कठिनाइयों के बावजूद समाज के प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार और सम्मान के लिए काम करना अत्यंत आवश्यक है.
डॉ. जायसवाल ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को बाबा साहेब के सपनों के अनुरूप बताते हुए कहा कि एनडीए सरकार संविधान का सम्मान करती है और संविधान सम्मत कार्य करती है.उन्होंने कहा कि सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाएं, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो रही हैं.
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का योगदान केवल दलित या पिछड़े वर्गों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य एक ऐसा समाज बनाना था जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, न्याय और सम्मान मिले. उन्होंने संविधान निर्माण में योगदान देकर हमारे देश को लोकतांत्रिक मूल्य, मानवाधिकार और सामाजिक समानता की मजबूत नींव दी.
डॉ. जायसवाल ने सभी को यह संदेश दिया कि बाबा साहेब के मार्गदर्शन और उनके जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेकर हमें अपने समाज में समानता, समरसता और न्याय स्थापित करने के प्रयास लगातार जारी रखने चाहिए.उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है.
भाजपा द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठन के प्रतिनिधि, युवा और नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ-साथ बाबा साहेब के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक भाषण और उनके द्वारा स्थापित सिद्धांतों पर चर्चा की गई.
डॉ. दिलीप जायसवाल ने अंत में सभी को यह याद दिलाया कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को अपनाना, केवल उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का सबसे सच्चा तरीका है.उनका आदर्श हमें लगातार प्रेरित करता है कि हम समाज के हर वर्ग के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करें और भारत को एक समृद्ध, सशक्त और समान अवसरों वाला राष्ट्र बनाएं.
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निष्कर्ष
भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्ष और उनके आदर्श आज भी समाज के हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत हैं.भाजपा द्वारा आयोजित यह महापरिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम न केवल उनके योगदान को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि यह समाज में समानता, न्याय और समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का भी माध्यम बना.

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