अरावली से निकोबार तक लूट? पर्यावरण बचाने पटना की सड़कों पर माले
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 28 दिसंबर 2025 – देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर तेज़ होते आंदोलनों के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले) ने राजधानी पटना में जोरदार प्रदर्शन किया. पर्यावरण बचाओ देश बचाओ दिवस के अवसर पर बुद्ध स्मृति पार्क के सामने आयोजित इस प्रदर्शन में अरावली पर्वतमाला, ग्रेट निकोबार द्वीप, हिमालय क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में हो रहे कथित पर्यावरण विनाश के खिलाफ आवाज बुलंद किया गया .
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले के वरिष्ठ नेताओं ने किया और केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी व पर्यावरण-विरोधी करार दिया गया.

मोदी सरकार जनता के लिए नहीं, अडानी-अंबानी के लिए काम कर रही है – मीना तिवारी
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाये.उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके कॉरपोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए जंगल, पहाड़, जल और जमीन को बेरहमी से नष्ट किया जा रहा है.
मीना तिवारी ने कहा कि,
आज पूरी दुनिया जलवायु संकट को लेकर चिंतित है, लेकिन भारत सरकार पर्यावरण सुरक्षा को कमजोर कर बड़े पूंजीपतियों के लिए रास्ता साफ कर रही है. ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के नाम पर हमारे प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट हो रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरणीय नियमों को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को बिना बाधा के मंजूरी मिल सके.
अरावली की नई परिभाषा पर रोक लगे – महबूब आलम
भाकपा माले के पूर्व विधायक महबूब आलम ने अरावली पर्वतमाला से जुड़ी नई सरकारी परिभाषा पर कड़ा ऐतराज जताया है.उन्होंने कहा कि इस नई परिभाषा का मकसद अरावली क्षेत्र को खनन और रियल एस्टेट के लिए खोलना है, जो भविष्य में भीषण पर्यावरणीय संकट को जन्म देगा.
महबूब आलम ने कहा है कि,
देश के जल, जंगल और जमीन को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है. इसके खिलाफ देशभर में आवाज उठ रही है, लेकिन सरकार नियमों को ताक पर रखकर अवैध ढंग से पर्यावरण को बर्बाद कर रही है.
चारधाम सड़क परियोजना और पर्यावरणीय धोखाधड़ी का आरोप
अपने संबोधन में महबूब आलम ने उत्तराखंड की चारधाम सड़क परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस परियोजना को जानबूझकर 100 किलोमीटर से कम के 53 हिस्सों में बांटा गया, ताकि समग्र पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) से बचा जा सके.उन्होंने इसे सुनियोजित पर्यावरणीय धोखाधड़ी करार दिया है .
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ग्रेट निकोबार और अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट पर सवाल
ग्रेट निकोबार द्वीप की मेगा विकास परियोजना पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार ने करीब 130 वर्ग किलोमीटर प्राकृतिक उष्णकटिबंधीय जंगल को नष्ट कर दिया है. इसके बदले कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन के नाम पर हरियाणा की अरावली में पौधारोपण दिखाया गया, जो निकोबार से हजारों किलोमीटर दूर और पूरी तरह अलग पारिस्थितिकी वाला क्षेत्र है.
नेताओं का आरोप है कि इसी पर्यावरणीय धोखाधड़ी को अब अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट ,के रूप में प्रचारित किया जा रहा है.
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी, केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे, पूर्व विधायक महबूब आलम, वरिष्ठ नेता केडी यादव, शहजादे आलम, संजय यादव, शंभूनाथ मेहता, अनुराधा, राखी मेहता, आइसा नेत्री सबा, संस्कृतिकर्मी प्रमोद यादव, आरवाईए नेता विनय कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नगर सचिव जितेंद्र कुमार ने किया.
निष्कर्ष
भाकपा माले के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या विकास के नाम पर पर्यावरण को तबाह करना जायज़ है.पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पर्यावरणविदों का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन और भविष्य से जुड़ा सवाल है. यदि समय रहते सरकार की नीतियों पर रोक नहीं लगी, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

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