भ्रष्टाचार की डबल इंजन सरकार: विकास नहीं, तबाही की रफ्तार

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Ajit Kumar

भारत
भ्रष्टाचार की डबल इंजन सरकार: विकास नहीं, तबाही की रफ्तार

राहुल गांधी का BJP पर तीखा और व्यापक हमला

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 9 जनवरी —कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने X (Twitter) पोस्ट के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की तथाकथित, डबल इंजन सरकारों पर गंभीर और तीखा आरोप लगाया हैं. उन्होंने कहा कि देश भर में BJP के शासन ने विकास का सपना दिखाकर आम जनता की ज़िंदगी को असुरक्षा, भय और तबाही की ओर धकेल दिया है.राहुल गांधी के अनुसार, भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार BJP की राजनीति में ऊपर से लेकर नीचे तक फैल चुका है.

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों से अपराध, हादसों, दूषित पानी, पर्यावरण विनाश और सरकारी लापरवाही की लगातार खबरें सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि आज गरीब, असहाय, मज़दूर और मध्यम वर्ग की ज़िंदगी सरकार के लिए सिर्फ़ आंकड़ों तक सिमट कर रह गया है.

डबल इंजन का असली सच

BJP द्वारा बार-बार प्रचारित किया जा रहा है,डबल इंजन सरकार के मॉडल पर सवाल उठाते हुये राहुल गांधी ने कहा कि यह इंजन आम जनता के लिए नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा अरबपतियों के फायदे के लिए चल रहा है.उनके मुताबिक विकास के नाम पर एक ऐसा वसूली-तंत्र खड़ा किया गया है, जिसमें जनता की ज़रूरतों और तकलीफों को नजरअंदाज कर दिया गया है.

राहुल गांधी ने कहा कि अगर यह वास्तव में विकास का इंजन होता, तो देश में बेरोज़गारी, महंगाई और असुरक्षा इस स्तर पर नहीं होता.लेकिन हकीकत यह है कि आम नागरिक हर दिन किसी न किसी संकट से जूझ रहा है.

अंकिता भंडारी और उन्नाव: न्याय पर सवाल

उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हत्याकांड का ज़िक्र करते हुये राहुल गांधी ने कहा कि इस निर्मम घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन आज भी सबसे बड़ा सवाल अनुत्तरित है,सत्ता का संरक्षण BJP के किस VIP को बचा रहा है? उन्होंने पूछा कि कानून सबके लिए बराबर कब होगा.

इसी तरह उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड को याद दिलाते हुये राहुल गांधी ने कहा कि देश ने अपनी आंखों से देखा कि सत्ता के घमंड में अपराधियों को कैसे बचाया गया और पीड़िता को न्याय के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकाना पड़ा. उनके अनुसार, ये घटनाये  दिखाती हैं कि जब सत्ता जवाबदेह नहीं होती, तो न्याय सबसे ज़्यादा कमजोर वर्ग से छिनता है.

ज़हरीला पानी और बीमार होता भारत

राहुल गांधी ने इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से हुई मौतों और गुजरात, हरियाणा तथा दिल्ली तक, काले पानी और दूषित जल आपूर्ति की शिकायतों का ज़िक्र किया है.उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था का नतीजा है.

उनके मुताबिक जब साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी लोगों को सुरक्षित नहीं मिल पा रहा है , तो विकसित भारत, का दावा खोखला लगता है. दूषित पानी से फैलती बीमारियां सीधे तौर पर आम जनता की जान पर बन आती हैं.

प्रकृति बनाम कॉर्पोरेट लालच

राहुल गांधी ने अरावली पहाड़ियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के विनाश का मुद्दा उठाते हुये  कहा कि जहां-जहां अरबपतियों का लालच पहुंचा, वहां नियमों और कानूनों को रौंद दिया गया है. पहाड़ काटा जा रहा हैं, जंगल उजाड़ा जा रहव हैं और इसके बदले जनता को सिर्फ़ प्रदूषण, धूल और आपदाएं मिल रहा हैं.

उनका कहना है कि पर्यावरण का यह विनाश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, लेकिन सरकार आंखें मूंद बैठा है.

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हादसे नहीं, भ्रष्टाचार की मार

खांसी के सिरप से बच्चों की मौतें, सरकारी अस्पतालों में नवजातों की मौत, स्कूलों की गिरती छतें,राहुल गांधी ने साफ कहा कि ये घटनाये  महज़ हादसे नहीं हैं. यह भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी का सीधा परिणाम हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि जब सिस्टम में भ्रष्टाचार गहराई तक बैठ जाता है, तो सबसे पहले नुकसान समाज के सबसे कमजोर वर्ग को होता है.

पुल, सड़क और ट्रेन हादसे

देश में बार-बार गिरते पुल, धंसती सड़कें और ट्रेन हादसों में उजड़ते परिवारों का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि BJP सरकार की प्रतिक्रिया हर बार एक जैसी रहती है,फोटो-ऑप, ट्वीट और मुआवज़े की औपचारिक घोषणा.लेकिन स्थायी समाधान और जिम्मेदारी तय करने से सरकार बचती रहती है.

निष्कर्ष

राहुल गांधी के मुताबिक मोदी सरकार का,डबल इंजन  आम भारतीय के लिए विकास की गाड़ी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और तबाही की रफ्तार बन चुका है. उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता जवाबदेह नहीं बनेगी, कानून सबके लिए बराबर नहीं होगा और जनता की आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जाएगा, तब तक लोकतंत्र कमजोर होता रहेगा.

उनका यह बयान केवल राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि मौजूदा हालात पर एक बड़ा सवाल है,क्या विकास सिर्फ़ चुनिंदा लोगों के लिए होगा या पूरे देश के लिए?

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