बिहार राजनीति में फिर तेज हुई सियासी बहस
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 11 जनवरी 2026— बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान तेज हो गया है.नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने हालिया बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला है. रविवार को जारी अपने प्रेस वक्तव्य में तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरा देश कह रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता.
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को धन-तंत्र और मशीन-तंत्र में बदल दिया गया है और छल, कपट व सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से जनादेश हासिल किया गया है.
जनता कितना स्वीकार कर रही है, सब जानते हैं
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा हुआ हैं.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ,
छल-कपट-प्रपंच और मशीनरी से प्राप्त जनादेश को जनता कितना स्वीकार कर रही है, यह किसी से छुपा नहीं है.
उनके इस बयान को चुनाव परिणामों के बाद बढ़ते असंतोष और विपक्षी दलों की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.
सरकार के 100 दिन तक टिप्पणी नहीं करने का ऐलान
तेजस्वी यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी शुरू से ही सकारात्मक राजनीति करती आई है.
उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के पहले 100 दिन तक वे सरकार की नीतियों, निर्णयों और कार्यक्रमों पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं करेंगे.
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता के बीच सरकार के कामकाज की विवेचना जारी रहेगी, ताकि सच्चाई सामने आती रहे.
डबल इंजन सरकार पर तीखा सवाल
तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि, अपराध, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, पलायन, शिक्षा, चिकित्सा, विधि व्यवस्था
इन सभी मोर्चों पर सरकार की स्थिति किसी से छुपा हुआ नहीं है.
उन्होंने कहा कि बिहार में आम जनता आज भी इन्हीं बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार बड़े-बड़े दावों में व्यस्त है.
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चुनावी वादों को याद दिलाया
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को उसके घोषणा पत्र की याद दिलाते हुए कई बड़े वादों का उल्लेख किया है.उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने, प्रदेश की 2.5 करोड़ महिलाओं को 2 लाख रुपये देने का वादा, 1 करोड़ नौकरियों का प्रण, हर जिले में 4–5 बड़े उद्योग और फैक्ट्री लगाने का आश्वासन,जैसे कई बड़े वादे किए थे.
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि यदि चुनाव से पहले प्रत्येक विधानसभा में कथित रूप से 150 करोड़ रुपये तक खर्च किए जा सकता हैं, तो सरकार गठन के बाद जनता की हर मांग क्यों नहीं पूरी की जा सकती है ?
वादे पूरे करना सरकार की जिम्मेदारी
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का पहला कर्तव्य जनता से किए गए वादों को निभाना होता है.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब जनता जवाब चाहती है और सरकार को हर परिस्थिति में नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा.
राजनीतिक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, तेजस्वी यादव का यह बयान आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और अधिक धार दे सकता है. विपक्ष जहां सरकार को उसके वादों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्तारूढ़ दल पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है.

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