पटना में आइसा का मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च, सिवान एसपी की बर्खास्तगी की मांग

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Ajit Kumar

बिहार
पटना में मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च के दौरान प्रदर्शन करते आइसा और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ता.

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर प्रदर्शन, सिवान एसपी पर कार्रवाई और आंदोलन तेज करने की मांग

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना :ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) बिहार के नेतृत्व में पटना में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक, शिक्षा के भगवाकरण, छात्र विरोधी नीतियों तथा राज्य प्रायोजित दमन के खिलाफ आवाज उठाई गई.

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आइसा के अनुसार, यह मार्च गांधी मैदान गेट संख्या-10 से शुरू होकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास की ओर बढ़ा. संगठन का कहना है कि जेपीओ गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे और वहां सभा आयोजित की गई.

प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

सभा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विभिन्न घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई.

मार्च का नेतृत्व आइसा बिहार के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर, राज्य उपाध्यक्ष सबा अफरीन सहित संगठन के अन्य नेताओं ने किया.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्र आंदोलन की जीत

आइसा ने अपने बयान में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है. हालांकि संगठन ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों में शिक्षा के भगवाकरण और भ्रष्टाचार को लेकर अब भी बदलाव नहीं आया है.

यह संगठन का राजनीतिक बयान है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की जा रही है.

सिवान और जहानाबाद की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान आइसा ने सिवान में छात्रों पर एके-47 से गोली चलाए जाने तथा जहानाबाद में छात्रों पर पुलिस फायरिंग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इसकी कड़ी निंदा की.

संगठन ने मांग की कि सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलनों को पुलिस बल के माध्यम से दबाने के प्रयासों का राज्यव्यापी विरोध किया जाएगा.

इन आरोपों और मांगों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी.

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जेन जी और जेन अल्फा आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान

आइसा बिहार ने घोषणा की कि शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक, शिक्षा के भगवाकरण और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे जेन जी और जेन अल्फा आंदोलन के दूसरे चरण को और तेज किया जाएगा.

संगठन का कहना है कि आने वाले समय में राज्यभर में छात्रों और युवाओं को जोड़कर व्यापक जन अभियान चलाया जाएगा.

प्रमुख मांगें
शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई.
पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई.
शिक्षा के भगवाकरण का विरोध.
छात्र विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग.
सिवान एसपी सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई.
छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच.

निष्कर्ष

पटना में आयोजित आइसा के मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च के माध्यम से छात्र संगठन ने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.प्रदर्शन के दौरान सिवान और जहानाबाद की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग भी प्रमुख रही. संगठन ने आने वाले दिनों में आंदोलन के दूसरे चरण को और व्यापक बनाने का संकेत दिया है.प्रशासन और सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी.

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