व्यवस्था परिवर्तन दिवस पर चंद्रशेखर आजाद की सत्ता परिवर्तन यात्रा : बिजनौर में उमड़ा जनसैलाब, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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Ajit Kumar

भारत
व्यवस्था परिवर्तन दिवस पर बिजनौर में सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते चंद्रशेखर आजाद, समर्थकों की भारी भीड़ के बीच जनसभा को संबोधित करते हुए

Chandra Shekhar Azad की सत्ता परिवर्तन यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल

तीसरा पक्ष ब्यूरो बिजनौर, 4 जून 2026:उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ के अवसर पर सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की है.यात्रा शुरू होने से पहले उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने उन्हें धामपुर स्थित उनके आवास पर पुलिस के माध्यम से डिटेन करने का प्रयास किया गया. इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है.

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर पुलिस द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश किया गया. हालांकि पुलिस-प्रशासन के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपनी यात्रा को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया.

गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर लिया आशीर्वाद

यात्रा की शुरुआत से पहले चंद्रशेखर आजाद ने बिजनौर जिले में स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और आशीर्वाद प्राप्त किया.उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और परिवर्तन की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा लेना आवश्यक है.

उनके समर्थकों का कहना है कि यह यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव और व्यवस्था परिवर्तन का संदेश लेकर निकली है.इसी कारण बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं.

बिजनौर की सड़कों पर दिखा समर्थकों का भारी उत्साह

चंद्रशेखर आजाद के अनुसार, प्रशासनिक बाधाओं और कथित दमनात्मक कार्रवाई के बावजूद बिजनौर की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया है कि जनता परिवर्तन चाहती है. उन्होंने दावा किया है कि यात्रा के दौरान हजारों समर्थक सड़कों पर उतरे और परिवर्तन के समर्थन में नारे लगाए.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती लोकप्रियता पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है. विशेष रूप से दलित, पिछड़े और युवा वर्ग के बीच उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.

सरकार पर लगाए लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप

अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी निंदा की है .उनका कहना है कि लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात जनता तक पहुंचाने का अधिकार है. यदि किसी राजनीतिक यात्रा को रोकने की कोशिश की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना जाएगा.

उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकता है .उनके अनुसार, परिवर्तन की यह लड़ाई अब किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह आम जनता की आवाज़ बन चुकी है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ रही राजनीतिक सक्रियता

सत्ता परिवर्तन यात्रा को आगामी राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है. ऐसे में चंद्रशेखर आजाद की यह यात्रा क्षेत्रीय राजनीति में नई ऊर्जा पैदा कर सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान लगातार जनसमर्थन जुटाने में सफल रहता है, तो आने वाले चुनावों में इसके प्रभाव देखने को मिल सकता हैं. खासकर युवा मतदाताओं और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े वर्गों में इस यात्रा को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है.

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जनता के नाम संदेश

चंद्रशेखर आजाद ने अपने संदेश में बिजनौर और नगीना की जनता का विशेष आभार व्यक्त किया.उन्होंने कहा कि लोगों का समर्थन यह दिखाता है कि समाज के विभिन्न वर्ग बदलाव के लिए तैयार हैं.उन्होंने यह भी कहा कि जनसंकल्प और जनशक्ति किसी भी बाधा से बड़ी होती है.

उनका दावा है कि सत्ता परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना है.इसी संदेश के साथ उन्होंने अपने अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया.

निष्कर्ष

व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर शुरू हुई चंद्रशेखर आजाद की सत्ता परिवर्तन यात्रा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.यात्रा से पहले कथित पुलिस कार्रवाई, उसके बाद गुरु रविदास जी के गुरूघर में दर्शन और फिर बिजनौर में उमड़ी भीड़ ने इस अभियान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है.आने वाले दिनों में यह यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसका राजनीतिक प्रभाव कितना व्यापक होता है, इस पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी.

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