राजद नेताओं ने डॉ. राधाकृष्णन और अमर शहीद जगदेव प्रसाद को श्रद्धांजलि देकर उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया
तीसरा पक्ष ब्यूरो : पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्य कार्यालय में 5 सितंबर 2026 को पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई. इसी अवसर पर बिहार के चर्चित सामाजिक न्याय के नेता और अमर शहीद जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया.
कार्यक्रम के दौरान राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा जगदेव प्रसाद के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर बीनु यादव समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षा और सादगी के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके शैक्षणिक योगदान को याद किया.वक्ताओं ने कहा कि वे महान शिक्षाविद थे और समाज में शिक्षकों के सम्मान तथा शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के पक्षधर रहे.
राजद नेताओं ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने अपने कर्म और विद्वता के बल पर शिक्षक के पद से देश के राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया.उनके जीवन को सादगी, शिक्षा और समाज सेवा का उदाहरण बताते हुए वक्ताओं ने उनके विचारों और बताए रास्ते का अनुसरण करने की बात कही.
वक्ताओं के अनुसार, डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन में पद या प्रतिष्ठा की मांग नहीं की, लेकिन अपने कर्मों के कारण उन्हें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक तक पहुंचने का अवसर मिला. उनके जीवन को आज भी शिक्षा और शिक्षक सम्मान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है.
जगदेव प्रसाद को सामाजिक न्याय का योद्धा बताया
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में अमर शहीद जगदेव प्रसाद के योगदान को याद किया गया. राजद नेताओं ने उन्हें सामाजिक न्याय का योद्धा बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता और शोषण से मुक्ति के लिए संघर्ष किया.
वक्ताओं ने जगदेव प्रसाद से जुड़े प्रसिद्ध नारे सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है का उल्लेख करते हुए सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल को उठाया। राजद नेताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद के 90 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े विचार और उनका सामाजिक न्याय का एजेंडा आज भी पार्टी की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है.
वक्ताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद का सपना एक समतामूलक और शोषण-विहीन समाज का निर्माण करना था. उनके अनुसार, जगदेव बाबू ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की एकता के लिए जीवनभर संघर्ष किया.
राजद ने अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी जगदेव प्रसाद के विचारों और सामाजिक न्याय की उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि लालू प्रसाद के नेतृत्व में राजद उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान जगदेव प्रसाद को बिहार लेनिन के नाम से भी संबोधित किया गया और उनके संघर्षों को वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में प्रासंगिक बताया गया.
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कई राजद नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सिंह, राजद नेता एजाज अहमद, मधु मंजरी, हरेंद्र कुमार कुशवाहा, नंदू यादव, भाई अरुण कुमार, निर्भय अंबेडकर, प्रमोद कुमार राम, कुमर राय और उपेंद्र चंद्रवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.
कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समानता और न्याय के मुद्दों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया. इस तरह राजद कार्यालय में शिक्षक दिवस और जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस को शिक्षा तथा सामाजिक न्याय से जुड़े विचारों के साथ जोड़ा गया.

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