AISA राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिक्षा, विश्वविद्यालय स्वायत्तता, जेंडर न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों पर छात्रों से संवाद किया
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 7 सितंबर 2026: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा ने सोमवार को पटना विश्वविद्यालय के छात्रों से संवाद किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.इस दौरान भाकपा-माले की विधान पार्षद कॉमरेड शशि यादव भी मौजूद रहीं. छात्र संवाद में शिक्षा, विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, जेंडर न्याय और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
पटना विश्वविद्यालय के समीप आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने छात्रों से अन्याय और चुप्पी के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने दो रास्ते हैं—एक रास्ता उन्हें स्वतंत्र भारद्वाज जैसे भाजपा-आरएसएस के गुंडों की राजनीति की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा रास्ता निशू की तरह अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और सवाल करने का है.
नेहा बोरा ने छात्रों से डर और चुप्पी की राजनीति को अस्वीकार कर अपने अधिकारों, लोकतंत्र और न्याय के लिए संघर्ष करने की अपील की. उनका कहना था कि छात्र समुदाय केवल शिक्षा प्राप्त करने वाला समूह नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालयों के लोकतांत्रिक वातावरण को मजबूत करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर जोर
छात्र संवाद के दौरान पटना विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. नेहा बोरा ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने की जगह नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक बदलाव की प्रयोगशाला भी हैं.
उन्होंने पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 (PU Act 1976) को बचाने के संघर्ष को तेज करने की अपील की. उनके अनुसार विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का छात्रों को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए.
यह मुद्दा छात्रों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण बताया गया क्योंकि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता का सीधा संबंध कैंपस में छात्रों की भागीदारी, अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक गतिविधियों से जुड़ा होता है.
जेंडर न्याय को छात्र आंदोलन से जोड़ने की अपील
कार्यक्रम के दौरान जेंडर न्याय का सवाल भी प्रमुखता से सामने आया. पटना कॉलेज कैंटीन के पास छात्रों से संवाद करते हुए नेहा बोरा ने परिसर में बराबरी, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि कैंपस में सुरक्षित और समान वातावरण बनाना केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे छात्र समुदाय की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है. छात्र आंदोलनों में जेंडर न्याय के मुद्दे को प्रमुख स्थान देने की जरूरत पर भी उन्होंने बात रखी.

बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम का नेतृत्व AISA पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष नितीश, सचिव सबा आफ़रीन, उपाध्यक्ष आशीष, AISA दरभंगा हाउस अध्यक्ष आज़ाद एवं सचिव दीपु तथा AISA पटना कॉलेज अध्यक्ष अदिति और सचिव आदर्श ने किया.
कार्यक्रम में AISA बिहार राज्य सचिव कॉमरेड दीपांकर और राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड मनीषा भी मौजूद रहीं. इसके अलावा AISA के रणवीर, अनुज, अमृता, अयान, सीनू और मोनू सहित पटना कॉलेज के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.
ये भी पढ़े :बिहार में गूँजी Gen-Z की आवाज़, शिक्षा-रोजगार पर छात्र लामबंद
ये भी पढ़े :बिहार में बाढ़ से 13 जिले प्रभावित, भाकपा माले ने मांगा मुआवजा
शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर आगे संघर्ष का संकल्प
छात्र संवाद के अंत में शिक्षा, विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, जेंडर न्याय और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया.
कार्यक्रम के माध्यम से AISA ने छात्रों के बीच संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, नेहा बोरा के संबोधन में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक अधिकारों और सामाजिक न्याय को छात्र राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में सामने रखा गया.
निष्कर्ष
पटना विश्वविद्यालय में आयोजित यह छात्र संवाद शिक्षा और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर AISA की राजनीतिक-संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा रहा. नेहा बोरा ने अपने संबोधन में छात्रों से सवाल पूछने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और जेंडर न्याय को लेकर संघर्ष को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.


















