संविधान के हत्यारे अब अंबेडकर का नाम ले रहे: भाकपा-माले

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Ajit Kumar

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प्रधानमंत्री का भाषण: झूठ, जुमले और जालसाजी – माले

20 सालों में बिहार को बनाया ‘सस्ता श्रम केंद्र’!

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 20 जून :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज बिहार दौरे के दौरान दिए गए भाषण पर भाकपा-माले ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के सारण ज़ोन प्रभारी धीरेन्द्र झा ने कहा कि “जो लोग हर दिन संविधान की आत्मा की हत्या करते हैं, उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

धीरेन्द्र झा ने प्रधानमंत्री के संबोधन को “घिसा-पिटा और झूठ का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि यह भाषण बिहार की जनता की जमीनी सच्चाईयों से पूरी तरह कटा हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू की सरकार ने बीते दो दशकों में बिहार को केवल सस्ते श्रम का स्रोत बना दिया है, लेकिन उसके समुचित विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

अंबेडकर के अपमान का मुद्दा उठाया

सारण ज़ोन के भाकपा-माले प्रभारी धीरेन्द्र झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज के भाषण पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग हर रोज़ संविधान की मूल आत्मा को रौंदते हैं, उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लेने का कोई नैतिक हक़ नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र के प्रहरी रहे बाबा साहेब के सिद्धांतों को कुचलने वाले आखिर किस नैतिकता से उनके नाम पर भाषण देते हैं?

धीरेन्द्र झा ने यह भी कहा कि संसद के भीतर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा डॉ. अंबेडकर के प्रति किए गए अपमानजनक बयान न केवल अंबेडकर की विरासत का तिरस्कार है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर एक सीधा प्रहार है.उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घोर अपमान के लिए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

बिहार की बदहाली का आरोप

धीरेन्द्र झा ने कहा कि “बिहार में आज भी 94 लाख परिवार महा-गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और कोई उल्लेखनीय औद्योगिक विकास नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के साथ हुई पीड़ा को लोग अब तक नहीं भूल पाए हैं.

डबल इंजन’ का दावा खोखला साबित

झा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा-जदयू की तथाकथित डबल इंजन सरकार के तमाम वादों के बावजूद बिहार को अब तक विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया है.यह दर्शाता है कि इन पार्टियों ने बिहार के लोगों के साथ केवल छल किया,” उन्होंने कहा.

जनता देगी करारा जवाब

अपने वक्तव्य के अंत में झा ने कहा कि बिहार अब और झूठ नहीं सहेगा। “इस बार जनता संविधान विरोधी और जनविरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। देश और संविधान को बचाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक गर्मी चरम पर है और आगामी चुनावों को लेकर तमाम दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं.भाकपा-माले के इस तीखे प्रहार से राज्य की सियासत में हलचल मच गई है.

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