बिहार विधानसभा चुनाव से पहले SIR पर घमासान

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Ajit Kumar

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राजद ने कहा — वोटरों को वंचित करने की साजिश

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना 25 जून :बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर राजनीतिक हलकों में नई हलचल मच गई है. आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करते हुए इसे चुनाव से पूर्व मतदाताओं को वंचित करने की ‘सुनियोजित साजिश’ करार दिया.

बैठक में राजद की ओर से प्रवक्ता चित्तरंजन गगन, मुख्यालय प्रभारी महासचिव मुकुंद सिंह, तथा प्रदेश महासचिव मदन शर्मा ने भाग लिया. राजद प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण इतने कम समय में SIR जैसी व्यापक प्रक्रिया कराना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात भी है.

राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने सवाल उठाया

जब 2003 के बाद अब तक किसी भी विधानसभा चुनाव से पहले SIR नहीं हुआ, तो आखिर इस बार अचानक इसकी आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन दस्तावेजों की मांग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए की जा रही है, वे बिहार के लाखों गरीब और हाशिए पर खड़े परिवारों के पास उपलब्ध नहीं हैं. इस तरह यह प्रक्रिया उन्हें मतदान जैसे मौलिक अधिकार से वंचित कर सकती है.

बैठक में उपस्थित अन्य दलों ने भी राजद के इस विरोध का समर्थन किया, जिससे यह साफ हो गया कि SIR को लेकर एक साझा असहमति का स्वर उभर रहा है.

राजद ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष, समावेशी और पारदर्शी बनाए रखने के लिए SIR को फिलहाल स्थगित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रह जाए.

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