बिहार में विपक्ष की, वोट अधिकार यात्रा पर मंत्री डॉ. प्रेम कुमार का हमला

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Ajit Kumar

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बोले – वोट लुटेरों की तिलमिलाहट है ये यात्रा

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 18 अगस्त: बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों की “वोट अधिकार यात्रा” को सिरे से खारिज करते हुये तीखा हमला बोला है. मंत्री, ने इसे जनता को गुमराह करने की साजिश करार दिया है,और कहा कि जब से एनडीए सरकार ने फर्जी मतदाताओं को हटाने की पहल किया है. विपक्ष बेचैन और बौखलाया हुआ है.

डॉ. प्रेम कुमार का कहना है कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो चुका है. और बिहार में तेजी से हो रहे विकास से हताश होकर अब वह मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना चाहता है. उन्होंने राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक की एक कथित मतदाता सूची दिखाने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वह सूची आयोग की अधिकृत सूची नहीं है.

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे को पूरी तरह निराधार ठहराते हुए सात दिनों में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.विपक्ष जनता को झूठी सूचनाएं देकर भ्रमित करने का काम कर रही है – डॉ. प्रेम कुमार

मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष की यह घबराहट इसलिए है क्योंकि अब लालटेन युग बीत चुका है और बिहार की जनता समझ चुका है कि स्थायी विकास किसके नेतृत्व में संभव है. उन्होंने लालू यादव के पुराने दौर को याद दिलाते हुए कहा कि, बूथ लूट और कब्जा जिनकी पहचान थी, आज जब पारदर्शी चुनाव की दिशा में काम हो रहा है तो वही लोग हाय-तौबा मचा रहे हैं.

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चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन और दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिए जाने के बावजूद मंत्री का आरोप है कि विपक्ष बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया को अपनाए जनता के बीच अफवाहें फैला रही है.

डॉ. प्रेम कुमार ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बिहार की जनता अब जागरूक है और विपक्ष की ऐसी नकारात्मक राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगी. उन्होंने मांग किया कि मतदाता भ्रम फैलाने वालों और वोट बैंक की राजनीति करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिये.

विश्लेषण:
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि आने वाले चुनावों से पहले बिहार में राजनीतिक पारा चढ़ चुका है. एक ओर जहां एनडीए मतदाता सूची को शुद्ध करने की बात कर रही है. वहीं विपक्ष इसे वोट अधिकारों पर हमला बता रहा है. लेकिन सच्चाई क्या है, यह आने वाले वक्त और जनता की समझदारी तय करेगी.

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