अपराध की घटनाओं पर गुस्सा, न्याय की मांग तेज
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 23 सितंबर 2025 –बिहार में लगातार बढ़ते अपराध और आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर भाकपा-माले (CPI-ML) और इंसाफ मंच ने आज संयुक्त रूप से राज्यव्यापी प्रतिवाद मार्च आयोजित किया. इस मार्च और सभा का मुख्य उद्देश्य था – गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों तथा महिलाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज़ उठाना और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग करना.
इस आंदोलन का बड़ा कारण हाल ही में हुई कई दर्दनाक घटनाएं बनीं, जिनमें काको में सब्ज़ी विक्रेता मोहम्मद मोहसिन की हत्या और नवादा के संतोष मांझी की बर्बर हत्या शामिल हैं. खासकर मोहसिन की हत्या केवल 5 रुपये की रंगदारी टैक्स को लेकर कर दी गई, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है .
पटना स्टेशन इलाके में बढ़ते अपराध ने बढ़ाई चिंता
भाकपा-माले और इंसाफ मंच के नेताओं ने कहा कि पटना स्टेशन और आसपास के इलाके में अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं.आम लोग, खासकर गरीब, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं.
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले की विधान परिषद सदस्य कॉमरेड शशि यादव ने कहा कि,
बिहार में अपराधियों का मनोबल चरम पर है. व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या, फुलवारी शरीफ में दो मासूम भाई-बहनों को जलाना, स्कूल में बच्ची की हत्या और जेल में पैसे न देने पर युवक की हत्या – यह सब दर्शाता है कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है.
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश सरकार अपराधियों को खुली छूट दे रही है और इसका जवाब जनता 2025 के चुनाव में ज़रूर देगी.
बेरोज़गार युवाओं पर लाठीचार्ज, अपराधियों से सांठगांठ
सभा में बोलते हुए कॉमरेड रणविजय कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस बेरोज़गारी और सरकारी नौकरी की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसाती है, लेकिन अपराधियों से मिलीभगत कर उन्हें बचाती है.
उन्होंने मंत्री जीवेश मिश्रा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि,
सड़क की बदहाली पर सवाल करने वाले एक नौजवान को मंत्री द्वारा गाली देना, धमकाना और अपहरण की कोशिश करना बताता है कि सरकार का तथाकथित ‘सुशासन’ केवल दिखावा है.
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जनसमर्थन से भरा प्रतिवाद मार्च
प्रतिवाद सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.सभा को भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य व विधान परिषद सदस्य कॉमरेड शशि यादव, राज्य कमेटी सदस्य रणविजय कुमार, रामबली प्रसाद, कमलेश कुमार, और इंसाफ मंच के नेताओं – रामलखन चौधरी, डॉ. अलीम और अशरफी सदा ने संबोधित किया.
इसके अलावा जन संस्कृति मंच के राज्य उपाध्यक्ष प्रमोद यादव, राजन कुमार, विनय कुमार, संजय यादव, विभा गुप्ता, मुर्तज़ा अली, पन्ना लाल सिंह, मुज़फ्फर आलम, सुभाष प्रसाद, युवा नेता अभिषेक कुमार सिंह, पप्पू शर्मा और राजकुमार चौधरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
सभा का संचालन भाकपा-माले पटना महानगर के सचिव कॉमरेड जितेंद्र कुमार ने किया.
जनता का गुस्सा और आने वाले चुनाव
बिहार की जनता अब डबल इंजन सरकार की असलियत समझ चुकी है. आम लोगों का कहना है कि सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल रही है. जनता का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है और विपक्षी दलों का आंदोलन इसे और तेज कर रहा है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो 2025 के चुनाव में जनता सरकार को कड़ा सबक सिखा सकती है.
निष्कर्ष
बिहार में लगातार बढ़ते अपराध और सरकार की लापरवाही ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. सब्ज़ी विक्रेता मोहम्मद मोहसिन और संतोष मांझी की हत्या जैसी घटनाओं ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है.ऐसे हालात में भाकपा-माले और इंसाफ मंच का संयुक्त प्रतिवाद मार्च केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बन चुका है.
जनता अब यह साफ संकेत दे रही है कि अपराध और अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी बड़े स्तर पर सामने आ सकता है और बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है.

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