गोपाल खेमका की हत्या पर तेजस्वी का मुख्यमंत्री से सवाल, हर दिन बिहार में हत्याएं क्यों हो रही हैं?”
तीसरा पक्ष डेस्क,पटना: बिहार में अपराध का तांडव, राजधानी पटना के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले गांधी मैदान क्षेत्र में व्यवसायी गोपाल खेमका जी की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. घटना स्थल से चंद कदम की दूरी पर डीएम, एसपी का आवास और थाना होने के बावजूद अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी.
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने 5 जुलाई 2025 को खेमका परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.
“दिल दहलाने वाली वारदात, लेकिन सत्ता चुप है!”
तेजस्वी यादव ने कहा –
“गोपाल खेमका की हत्या पटना ही नहीं, पूरे बिहार को झकझोर देने वाली घटना है. इतनी सुरक्षित माने जाने वाली जगह पर हत्या होना बताता है कि अब अपराधियों को किसी का डर नहीं. सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है.”
तेजस्वी का इशारा साफ था – कानून व्यवस्था की हालत अब सिर्फ आंकड़ों में नहीं, अब घर के दरवाजे पर लहू बनकर दिखाई दे रही है.
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“6 साल पहले बेटा मारा गया, अब पिता… फिर भी कोई इंसाफ नहीं” !

इस मामले को और भी पीड़ादायक बनाता है एक और सच –6 साल पहले गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हत्या हुई थी.
तेजस्वी बोले –”मैं तब भी कैंडल मार्च में शामिल हुआ था. उस वक्त भी एनडीए की सरकार थी. आज तक उनके परिवार को इंसाफ नहीं मिला और अब पिता की भी हत्या हो गई. क्या यही सुशासन है?”
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“अब हत्याएं भी सामान्य हो गई हैं!”
पत्रकारों के सवालों पर तेजस्वी ने जो कहा, वो बिहार की वर्तमान स्थिति को आईना दिखाता है:
“अब इंसान की जान की कोई कीमत नहीं रही. अपराधी जब जैसा चाहें, वैसा अपराध करके निकल जाते हैं.”
उन्होंने उदाहरण दिया –“बोरिंग रोड में अपराधी गोली चलाते हैं और पीछे-पीछे ADG लॉ एंड ऑर्डर आते हैं. लेकिन अपराधी पकड़ में नहीं आते. यही है बिहार की पुलिस व्यवस्था.”
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“प्रधानमंत्री जी! जंगलराज का रट बंद कर, मुख्यमंत्री से हिसाब लें”
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा –
“हर बार बिहार आकर ‘जंगलराज-जंगलराज’ कहते हैं, लेकिन अपने मुख्यमंत्री से ये क्यों नहीं पूछते कि हर दिन हत्या, लूट, बलात्कार क्यों हो रहा है?”
उन्होंने ये भी कहा कि अगर मीडिया सच दिखाए, तो पता चले कि बिहार में अपराधियों और घूसखोरी को संरक्षण देने वाली सरकार किसकी है.
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“डी के टैक्स की सरकार में इंसाफ संभव नहीं!”
तेजस्वी का यह बयान चौंकाने वाला है, लेकिन उतना ही चिंताजनक:
:”बिहार में ट्रांसफर-पोस्टिंग में घूस चल रहा है. अधिकारी ‘डी के टैक्स’ देकर पोस्टिंग पा रहे हैं. जब अफसर बिकेंगे, तो अपराध क्यों नहीं पनपेगा?”
“सड़क से सदन तक लड़ेंगे – इंसाफ दिलाकर रहेंगे!”
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का है जो आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है.
“हम खेमका परिवार के साथ हैं – सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ेंगे. न्याय के लिए कोई समझौता नहीं होगा।”
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विपक्ष की एकजुटता, सत्ता का मौन
इस मुलाकात में राजद के कई वरिष्ठ नेता भी तेजस्वी के साथ मौजूद रहे –
राज्यसभा सांसद संजय यादव, प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, समीर महासेठ, एजाज अहमद, रितु जायसवाल समेत अन्य विधायक और पदाधिकारी. इन सभी नेताओं ने एक ही सुर में सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए.
निष्कर्ष: बिहार की सड़कों पर अब सवाल चलते हैं, जवाब नहीं!
पटना में एक व्यवसायी की हत्या, पहले बेटे की और अब पिता की – और वो भी 200 गज के दायरे में चार-चार सुरक्षा प्रतिष्ठानों के बावजूद – यह सिर्फ एक हत्या नहीं, ये उस सत्ता पर सवाल है जो खुद को ‘सुशासन’ का प्रतीक बताती है.
तेजस्वी यादव की बातों से एक बात तो साफ है –
अब अपराधियों से ज्यादा खतरनाक है सत्ता का मौन.
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