तेजस्वी यादव की सकारात्मक सोच: उम्मीद की नई किरण
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,25 सितंबर 2025 – बिहार लंबे समय से पलायन और बेरोज़गारी की गहरी समस्या से जूझ रहा है.राज्य के करोड़ों लोग रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में दूसरे राज्यों और महानगरों का रुख कर चुके हैं.आज बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “बिहार की सबसे बड़ी समस्या रिकॉर्ड-तोड़ पलायन और बेरोज़गारी है. उन्होंने वर्तमान एनडीए सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौकरी और रोजगार देने के नाम पर सिर्फ जुमलेबाज़ी और खोखले वादे किए गए हैं.
पलायन: बिहार की सबसे गंभीर समस्या
एजाज अहमद ने अपने बयान में बताया कि चार करोड़ से अधिक लोग बिहार छोड़कर रोजगार की तलाश में बाहर जा चुके हैं. यह संख्या बताती है कि राज्य में न तो उद्योग-धंधे पनपे हैं और न ही नौजवानों के लिए पर्याप्त अवसर तैयार किए गए हैं.
किसान परिवारों के बच्चे भी मजदूरी और जीविकोपार्जन के लिए महानगरों का रुख करते हैं.
निर्माण कार्य, दिहाड़ी मजदूरी और छोटे-मोटे कामों के लिए बिहारियों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है.
यह पलायन सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समस्या भी बन गया है.
बेरोज़गारी की जड़ें और सरकार की उदासीनता
राजद प्रवक्ता का कहना है कि डबल इंजन सरकार ने चाहे जितनी भी घोषणाएं की हों, लेकिन जमीन पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता है.
आज भी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं.
भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, जिससे युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है.
बेरोज़गार नौजवान जब अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ता है.
एजाज अहमद ने साफ कहा कि यह सरकार बेरोज़गारी और पलायन जैसे मुद्दों पर गंभीर नहीं है.
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नीतीश सरकार और एनडीए की नाकामी
पिछले 20 सालों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चल रही है. केंद्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने के बावजूद बिहार में अब तक कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं आई.
आईटी सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग या स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की ठोस पहल नहीं हुई है .
राज्य में निवेश की कमी के चलते नौजवानों का भविष्य लगातार अंधकारमय होता जा रहा है.
पेपर चोरी और भर्ती घोटाले बिहार के शिक्षा और रोजगार तंत्र की सच्चाई को उजागर करते हैं.
जनता चाहती है बदलाव
एजाज अहमद ने कहा कि बिहार की जनता अब परिवर्तन और बदलाव चाहती है.लोग समझ चुके हैं कि रोजगार और विकास के मुद्दों पर ही राज्य को नई दिशा दी जा सकती है.
नौजवान चाहते हैं कि बिहार में रोजगार के अवसर पैदा हों.
लोग चाहते हैं कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता आए.
किसान और मजदूर चाहते हैं कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए बेहतर अवसर मिलें.
तेजस्वी यादव की सकारात्मक सोच: उम्मीद की नई किरण
राजद प्रवक्ता ने भरोसा जताया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडिया महागठबंधन जनता के असली मुद्दों पर काम कर रहा है.
तेजस्वी यादव की सोच है कि बिहार में नौकरी और रोजगार को प्राथमिकता दिया जाये.
आईटी सेक्टर, औद्योगिक विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए अवसर बनाया जायें .
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जायें.
एजाज अहमद ने कहा कि आने वाले समय में जनता मुद्दों के आधार पर बदलाव करेगी और बिहार को नई दिशा देगी.
निष्कर्ष
बिहार की सबसे बड़ी समस्या पलायन और बेरोजगारी है, जिसे दूर करना सिर्फ वादों से संभव नहीं है. इसके लिए ठोस नीतियों, पारदर्शिता और उद्योगों के विकास पर ध्यान देना जरूरी है. एजाज अहमद के बयान से साफ है कि जनता अब खोखले नारों से थक चुकी है और असली मुद्दों पर बदलाव चाहती है.यदि तेजस्वी यादव की सोच और महागठबंधन की रणनीति सफल होती है, तो आने वाले समय में बिहार के युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य एक नई दिशा में आगे बढ़ेगा.

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