दलित समाज की उपेक्षा से नाराज़ विधायक बोले – सामाजिक न्याय की लड़ाई में रहूँगा तेजस्वी जी के साथ
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 5 नवंबर 2025 – बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भाजपा के पीरपैंती से वर्तमान विधायक श्री ललन पासवान ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव की मौजूदगी में राजद की सदस्यता ग्रहण की है .इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी से उन्होंने आशीर्वाद भी प्राप्त किया.
राजद कार्यालय में आयोजित इस औपचारिक कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा. राजद प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि तेजस्वी यादव ने ललन पासवान का पार्टी में स्वागत करते हुए उन्हें सदस्यता रसीद और पार्टी का प्रतीक चिन्ह गमछा भेंट किया.उन्होंने कहा कि ललन पासवान जैसे जननायक के आने से पार्टी की सामाजिक न्याय की लड़ाई और अधिक मज़बूत होगी.

तेजस्वी यादव ने कहा – भाजपा दलितों के साथ छल करती है
कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भाजपा दलित, पिछड़े और वंचित समाज के लोगों को केवल राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करती है.
भाजपा की सोच में दलित समाज के प्रति कोई सम्मान नहीं है.जब हक और अधिकार देने की बात आती है तो भाजपा इन्हें नज़रअंदाज़ कर देती है.– तेजस्वी यादव ने कहा.
उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव ने बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय का जो आंदोलन शुरू किया था, वही आज लोगों के दिल में जिंदा है. और अब वही सोच युवाओं में तेजस्वी यादव के रूप में आगे बढ़ रही है.
ललन पासवान बोले – भाजपा ने दलितों को सिर्फ वोट बैंक समझा
राजद में शामिल होने के बाद ललन पासवान ने कहा कि भाजपा ने दलित और वंचित वर्गों को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा –
भाजपा में रहते हुए मैंने देखा कि हमारे समाज के लोगों को न तो सम्मान मिला, न ही उनकी आवाज़ सुनी गई.तेजस्वी जी के नेतृत्व में मुझे उम्मीद है कि असली सामाजिक न्याय और विकास की राह खुलेगी.
ललन पासवान ने यह भी कहा कि वे हमेशा लालू प्रसाद यादव की नीतियों से प्रभावित रहे हैं, जिन्होंने समाज के सबसे पिछड़े तबकों को आवाज़ दी.अब वे उसी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए राजद में शामिल हुए हैं.
सामाजिक न्याय की धारा को मिलेगी नई ताकत
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि ललन पासवान के पार्टी में शामिल होने से राजद की जड़ें निचले तबके में और मज़बूत होंगी.
ललन जी का जनाधार ग्रामीण और दलित समाज में बेहद मज़बूत है. उनके आने से सामाजिक न्याय की लड़ाई को नया आयाम मिलेगा. – एजाज अहमद
राजद ने इस मौके पर साफ किया कि आने वाले चुनावों में पार्टी का फोकस गरीब, किसान, मजदूर और दलित वर्ग के हक़ की लड़ाई पर रहेगा.
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राजनीतिक विश्लेषण: भाजपा को बड़ा झटका
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, पीरपैंती जैसे क्षेत्र से भाजपा के विधायक का पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए एक बड़ा झटका है.
ललन पासवान का क्षेत्रीय प्रभाव न केवल भागलपुर मंडल में बल्कि सीमांचल और अंग क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्रों में है.
यह कदम भाजपा के दलित वोट बैंक को कमजोर कर सकता है और राजद को एक नई ताकत प्रदान करेगा.
तेजस्वी यादव का बढ़ता कद और विपक्ष की रणनीति
तेजस्वी यादव लगातार उन वर्गों तक पहुंच बना रहे हैं जो खुद को भाजपा शासन में उपेक्षित महसूस करते हैं.हाल के महीनों में उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा, और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा है.
ललन पासवान जैसे विधायकों का समर्थन यह दर्शाता है कि तेजस्वी यादव का नेतृत्व अब राज्य की सीमाओं से आगे भी असर दिखा रहा है.
राजनीति के जानकार मानते हैं कि अगर यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले चुनावों में राजद-नेतृत्व वाला गठबंधन भाजपा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है.
निष्कर्ष
ललन पासवान का भाजपा से अलग होकर राजद में शामिल होना बिहार की राजनीति में दलित नेतृत्व और सामाजिक न्याय के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.यह कदम न केवल भाजपा के लिए नुकसानदायक है बल्कि यह भी संकेत देता है कि बिहार की राजनीति में अब विचार और नीति आधारित राजनीति की वापसी हो रही है.

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