मिल्की मनिहारी में चंदेश्वर चौधरी के न्याय के लिए IG से मिले भाकपा माले सांसद-विधायक

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Ajit Kumar

बिहार
मिल्की मनिहारी में चंदेश्वर चौधरी के न्याय के लिए IG से मिले भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद और विधायक अरुण सिंह

मजदूर की हत्या मामले में मुआवजा, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, फर्जी मुकदमे वापसी और भूमिहीनों को जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 19 अगस्त 2026: मिल्की मनिहारी में मजदूरी मांगने के विवाद में मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या के मामले को लेकर भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद और विधायक अरुण सिंह ने बिहार के पुलिस महानिरीक्षक से मुलाकात किया. दोनों नेताओं ने मामले में कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपा.

भाकपा माले की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मजदूरी मांगने पर सामंत अजीत तिवारी द्वारा चंदेश्वर चौधरी की हत्या की गई. नेताओं ने मामले में मुख्य अभियुक्त अजीत तिवारी समेत सभी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी और मुकदमे का स्पीडी ट्रायल कराकर कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.

पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग

ज्ञापन में चंदेश्वर चौधरी के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है.साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई है.

भाकपा माले सांसद और विधायक ने कहा कि हत्या की घटना से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता के साथ सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाना जरूरी है.

सभी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग

ज्ञापन में मुख्य अभियुक्त अजीत तिवारी सहित सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने और मामले में स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की गई है.

इसके अलावा ज्ञापन में अजीत तिवारी के खिलाफ अवैध हथियार रखने तथा शराबबंदी कानून के तहत शराब की बोतल रखने, बेचने और पीने से संबंधित मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है. ये मांगें भाकपा माले द्वारा ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए दावों पर आधारित हैं.

जनता पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

भाकपा माले नेताओं ने घटना के बाद हुए जनता के प्रतिवाद को लेकर दर्ज मामलों को भी वापस लेने की मांग की है. ज्ञापन के अनुसार, घटना के बाद स्वाभाविक रूप से हुए प्रतिवाद को आपराधिक कृत्य बताकर करीब तीन से चार सौ लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

नेताओं ने इन मुकदमों को वापस लेने तथा गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त तत्काल रिहा करने की मांग की है. साथ ही पीड़ित परिवार और क्षेत्र के गरीब लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष रखी गई.

जमीन के पुराने सीलिंग मामले को भी उठाया

ज्ञापन में केवल हत्या के मामले तक सीमित न रहते हुए क्षेत्र में जमीन के पुराने विवाद और भूमिहीनों को मिले पर्चों का मुद्दा भी उठाया गया.

भाकपा माले के अनुसार, अभियुक्त अजीत तिवारी के पास करीब 150 बीघा जमीन होने का आरोप है. ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1987 में 32 एकड़ जमीन पर सीलिंग लगी थी और 45 से अधिक भूमिहीनों को उस जमीन के संबंध में पर्चा मिला था.

ज्ञापन के मुताबिक, इनमें कुछ पर्चाधारियों की जमीन की रसीद कट रही है, जबकि कुछ लोगों का नाम ऑनलाइन दर्ज हो चुका है लेकिन रसीद नहीं कट रही है. इसके बावजूद संबंधित गरीब परिवारों को अब तक जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया है.

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रसीद कटने वाले पर्चाधारियों के नाम

भाकपा माले के ज्ञापन में रसीद कटने वाले पर्चाधारियों के रूप में कैलाश राम, कविलास राम, रामेश्वर राम और अरुण कुमार के नाम दिए गए हैं.

वहीं, जिन लोगों के नाम ऑनलाइन दर्ज होने की बात कही गई है लेकिन रसीद नहीं कटने का दावा किया गया है, उनमें विश्वनाथ राम, सिंघासन राम, घमड़ी राम, रामप्रवेश राम और जितेन्द्र राम के नाम शामिल हैं.

भाकपा माले ने इन सभी पर्चाधारियों को संबंधित जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की है.

पुलिस कार्रवाई और जमीन पर कब्जे का मुद्दा साथ-साथ

इस पूरे मामले में भाकपा माले ने पुलिस प्रशासन से हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ गरीब पर्चाधारियों के भूमि अधिकार का सवाल भी उठाया है.ज्ञापन में फर्जी मुकदमों के जरिए आम जनता पर कथित दमन बंद करने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की गई है.

मामले में आगे की कार्रवाई अब पुलिस और प्रशासन की जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों और मांगों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं की गई है.

निष्कर्ष

मिल्की मनिहारी में चंदेश्वर चौधरी की हत्या का मामला अब न्याय, पुलिस कार्रवाई, पीड़ित परिवार के मुआवजे और भूमिहीनों के जमीन के अधिकार से जुड़े कई सवालों के साथ सामने आया है. भाकपा माले सांसद सुदामा प्रसाद और विधायक अरुण सिंह ने बिहार पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष इन सभी मुद्दों पर कार्रवाई की मांग रखी है.अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन हत्या के मामले में क्या कार्रवाई करता है और भूमि संबंधी दावों पर प्रशासनिक स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है.

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