BJP-RSS पर प्रियंका गांधी का हमला, बोलीं- देश के युवा सच पहचान चुके हैं

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Ajit Kumar

भारत
प्रियंका गांधी के BJP-RSS पर दिए गए बयान से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन, भाईचारे और सामाजिक एकता को लेकर भाजपा-आरएसएस पर सवाल उठाए.

तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी किया है. कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मिडिया अकाउंट पर साझा किए गए उनके बयान में दावा किया गया है कि देश के युवा अब BJP-RSS की नीयत और राजनीति को समझ चुके हैं.

प्रियंका गांधी के अनुसार, चाहे BJP-RSS कितनी भी कोशिश कर लें, देश के युवाओं के सामने अब उनका वास्तविक चेहरा उजागर हो चुका है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पहले इन संगठनों की सोच और कार्यशैली की जानकारी नहीं थी, वे अब उसे समझने लगे हैं.

स्वतंत्रता आंदोलन को लेकर क्या कहा?

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का भी उल्लेख किया है . उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित थी. उनके अनुसार, इस आंदोलन में करोड़ों भारतीयों ने भाग लिया और यह संघर्ष राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव बना.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वतंत्रता आंदोलन में RSS का कोई योगदान नहीं था. यह टिप्पणी भारतीय राजनीति में लंबे समय से चल रही उस बहस का हिस्सा है जिसमें विभिन्न राजनीतिक दल स्वतंत्रता आंदोलन में अलग-अलग संगठनों की भूमिका को लेकर अपने-अपने दावे और तर्क रखते रहे हैं.

युवा राजनीति के केंद्र में क्यों?

अपने बयान में प्रियंका गांधी ने विशेष रूप से युवाओं का उल्लेख किया है. उनका कहना है कि आज का युवा केवल राजनीतिक नारों से प्रभावित नहीं होता, बल्कि वह सरकारों और राजनीतिक दलों के कार्यों का मूल्यांकन भी करता है.

कांग्रेस लगातार यह दावा करती रही है कि बेरोजगारी, शिक्षा, परीक्षा प्रणाली, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर युवाओं में असंतोष बढ़ा है. प्रियंका गांधी का यह बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है.

भाईचारे और एकता पर दिया जोर

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा कि भारत की आत्मा भाईचारे, एकता और आपसी सम्मान में बसती है.उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई राजनीतिक ताकत समाज में घृणा, हिंसा या विभाजन फैलाने का प्रयास करती है, तब भी वह भारत की मूल भावना को समाप्त नहीं कर सकती है.

उनके अनुसार, भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और सामाजिक विविधता इतनी मजबूत है कि देश की जनता अंततः एकता और भाईचारे को ही प्राथमिकता देती है.

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बहस

प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक टकराव लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है. विपक्षी दल केंद्र सरकार की नीतियों और BJP-RSS की विचारधारा पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार बताती रही है.

स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रवाद जैसे विषय भारतीय राजनीति के प्रमुख विमर्श बने हुए हैं.ऐसे में नेताओं के बयान सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से लोगों तक पहुंच रहे हैं और व्यापक राजनीतिक चर्चा का विषय बन रहा हैं.

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सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका

आज राजनीतिक संवाद का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देता है। X (पूर्व में Twitter) पर नेताओं के बयान कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाता हैं.

प्रियंका गांधी का यह बयान भी कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा किया गया, जिसके बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं है. सोशल मीडिया अब केवल सूचना साझा करने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक विमर्श और जनमत निर्माण का भी महत्वपूर्ण मंच बन चुका है.

भाजपा और RSS का पक्ष

इस X पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर भाजपा और RSS की ओर से इस संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है. भाजपा और RSS पहले भी इस प्रकार के आरोपों को खारिज करते रहा हैं और स्वयं को राष्ट्रहित, सांस्कृतिक मूल्यों तथा विकास की राजनीति से जोड़ता रहा हैं.

राजनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग दलों के अपने-अपने दृष्टिकोण होते हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में इन विषयों पर सार्वजनिक बहस जारी रहती है.

निष्कर्ष

प्रियंका गांधी के X पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस ने एक बार फिर BJP-RSS पर वैचारिक और राजनीतिक हमला बोला है. अपने बयान में उन्होंने युवाओं, स्वतंत्रता आंदोलन, सत्य-अहिंसा, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा.आने वाले समय में इस प्रकार के राजनीतिक बयान चुनावी माहौल और सार्वजनिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रह सकते हैं.

समाचार स्रोत: कांग्रेस के आधिकारिक Congress @INCIndia X पोस्ट में साझा प्रियंका गांधी का बयान पर आधारित है.

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