पथ निर्माण मंत्री पर राजद का हमला, अरुण यादव बोले- फोटोशूट और रीलबाज़ी से नहीं सुधरेंगी बिहार की सड़कें

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Ajit Kumar

बिहार
राजद प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र के एक माह के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाते हुए सड़क निर्माण कार्यों पर सरकार को घेरा

एक माह के रिपोर्ट कार्ड पर राजद ने उठाए कई सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाया हैं. राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र द्वारा जारी एक माह के रिपोर्ट कार्ड पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि मंत्री का अब तक का कार्यकाल वास्तविक विकास से अधिक प्रचार-प्रसार तक सीमित रहा है. उन्होंने कहा कि जनता को रिपोर्ट कार्ड और सोशल मीडिया प्रचार नहीं, बल्कि बेहतर सड़कें और समय पर पूरी होने वाली विकास परियोजनाएं चाहिए.

राजद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि बिहार में सड़क निर्माण और रखरखाव की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है. ऐसे में सरकार को आत्मप्रचार के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता है.

रिपोर्ट कार्ड पर उठाए सवाल

अरुण कुमार यादव ने कहा है कि पथ निर्माण मंत्री ने विभाग का एक माह का रिपोर्ट कार्ड जारी कर अपनी उपलब्धियां बताने का प्रयास किया है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग दिखाई देती है. उनका आरोप है कि मंत्री का अधिकांश समय फोटोशूट, सोशल मीडिया रील, प्रेस विज्ञप्तियों और औपचारिक दौरों में बीता है.

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सड़क व्यवस्था सुधारने के लिए गंभीर है, तो उसे अपने कार्यों के ठोस परिणाम जनता के सामने रखना चाहिए. केवल प्रचार अभियान चलाने से सड़कों की स्थिति नहीं बदल सकती है .

विभागीय कार्यों पर मांगा जवाब

राजद प्रवक्ता ने कई सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है. उन्होंने पूछा कि पिछले एक महीने में,

कितनी सड़कें गड्ढामुक्त बनाई गईं?
कितनी अधूरी सड़क परियोजनाओं को गति मिली?
कितनी लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं?
लापरवाही बरतने वाले कितने ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हुई?
सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए?

अरुण यादव का कहना है कि यदि इन सवालों के स्पष्ट उत्तर उपलब्ध नहीं हैं, तो केवल रिपोर्ट कार्ड जारी करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता.

जनता को प्रचार नहीं, परिणाम चाहिए

राजद ने अपने बयान में कहा कि बिहार की जनता अब केवल घोषणाओं और प्रचार अभियानों से संतुष्ट नहीं होने वाली है. लोगों की अपेक्षा है कि सड़कें बेहतर हों, आवागमन सुरक्षित बने और विकास परियोजनाएं समय पर पूरी हों.

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में बरसात के दौरान सड़कें खराब होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई सड़कें मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही हैं. ऐसे में विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए.

सड़क निर्माण और रखरखाव पर विपक्ष का फोकस

अरुण कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि विभागीय दौरों का उद्देश्य व्यवस्था सुधारने से अधिक प्रचार को बढ़ावा देना दिखाई देता . उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में विकास कार्यों के प्रति गंभीर है, तो उसे सड़क निर्माण, पुल और पुलियों के रखरखाव की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि जनता विकास कार्यों का आकलन सोशल मीडिया पोस्ट या प्रेस विज्ञप्तियों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाले बदलावों से करती है. इसलिए सरकार को अपने कार्यों का मूल्यांकन वास्तविक उपलब्धियों के आधार पर करना चाहिए.

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बिहार में सड़क विकास बना राजनीतिक मुद्दा

बिहार में सड़क निर्माण और आधारभूत संरचना लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा हैं. सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को विकास से जोड़कर प्रस्तुत करता है, जबकि विपक्ष समय-समय पर परियोजनाओं में देरी, सड़क रखरखाव और निर्माण गुणवत्ता जैसे मुद्दों को उठाता रहा है.

इसी क्रम में राजद ने एक बार फिर सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा है कि केवल उपलब्धियों का दावा करने के बजाय कार्यों का वास्तविक विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए. विपक्ष का मानना है कि सड़क निर्माण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति और खर्च की पारदर्शिता जनता के सामने होनी चाहिए.

सरकार से पारदर्शिता की मांग

राजद ने अपने बयान के अंत में बिहार सरकार से आग्रह किया कि है वह आत्मप्रशंसा छोड़कर सड़क निर्माण, पुल-पुलियों के रखरखाव और अधूरी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करे. पार्टी का कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि विकास योजनाओं की वास्तविक प्रगति क्या है और उनके लिए निर्धारित लक्ष्य कितने पूरे हुए हैं.

राजद का कहना है कि बिहार के लोगों की प्राथमिकता सुरक्षित, बेहतर और टिकाऊ सड़कें हैं. इसलिए सरकार को प्रचार आधारित राजनीति के बजाय विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए.

निष्कर्ष

राजद प्रवक्ता अरुण कुमार यादव का यह बयान बिहार की सड़क व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली को लेकर विपक्ष की ताजा राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है. जहां विपक्ष ने सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाए हैं, वहीं अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और सड़क निर्माण व रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है.

नोट: यह लेख राजद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें किए गए दावों पर आधारित समाचार प्रस्तुति है. इसमें लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष के हैं.

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