महिलाओं के अपमान के खिलाफ राजद महिला प्रकोष्ठ का उग्र प्रदर्शन, नरेंद्र मोदी का पुतला दहन

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Ajit Kumar

बिहारभारत
महिलाओं के अपमान के खिलाफ राजद महिला प्रकोष्ठ का उग्र प्रदर्शन, नरेंद्र मोदी का पुतला दहन

बोली लगाने वाली भाषा के खिलाफ राजद महिला प्रकोष्ठ का जोरदार मार्च

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 03 जनवरी 2025— बिहार की महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दे को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है. उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्य के पति और भाजपा नेता गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं के प्रति अभद्र, अमर्यादित और बोली लगाने जैसी भाषा के विरोध में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महिला प्रकोष्ठ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है.

राजद महिला प्रकोष्ठ के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने राजधानी पटना स्थित राजद राज्य कार्यालय वीरचंद पटेल पथ से आयकर गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला. इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ तीखे नारे लगाये गये तथा अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया.

महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा बिहार

महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा बिहार

प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर,महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा बिहार,
बिहार की महिलाओं का अपमान क्यों, नरेंद्र मोदी जवाब दो,
महिला विरोधी भाजपा हाय हाय,जैसे नारे लिखे हुए थे.
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भाजपा नेताओं द्वारा बार-बार बिहार की महिलाओं को अपमानित करने वाली भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस पर चुप्पी साधे हुए है.

नेतृत्व में उतरीं अनीता भारती

इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती अनीता भारती ने किया. उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएं आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान हैं और उनके खिलाफ इस तरह की भाषा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी.

अनीता भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि महिला सम्मान की रक्षा के लिए चलने वाला संघर्ष है.

राजद अध्यक्ष और प्रवक्ताओं का बयान

प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत राज्य कार्यालय में हुई, जहां राजद प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल ने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भाजपा नेताओं की चुप्पी यह दर्शाती है कि इस तरह की सोच को पार्टी के भीतर संरक्षण दिया जा रहा है.

उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक भाजपा नेता खुलेआम बिहार की महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करता है, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय नेता चुप क्यों हैं?

भाजपा की चुप्पी पर सवाल

राजद नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया. महिला प्रकोष्ठ की नेताओं का कहना था कि क्या भाजपा को बिहार की महिलाओं के सम्मान की कोई परवाह नहीं है?

राजद का आरोप है कि गिरधारी लाल साहू का बयान जानबूझकर बिहार की महिलाओं को अपमानित करने के उद्देश्य से दिया गया है, और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिये.

कार्रवाई की मांग

इस अवसर पर श्रीमती अनीता भारती और राजद प्रवक्ता श्रीमती सारिका पासवान ने मांग किया कि,

भाजपा गिरधारी लाल साहू को तत्काल पार्टी से निष्कासित करे.

उत्तराखंड सरकार उनकी मंत्री पत्नी रेखा आर्य को पद से बर्खास्त करे.

भाजपा सार्वजनिक रूप से बिहार की महिलाओं से माफी मांगे.

नेताओं ने कहा कि महिलाओं के अपमान का यह मामला किसी भी स्थिति में माफी योग्य नहीं है.

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बड़ी संख्या में महिलाएं रहीं मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में राजद की कई वरिष्ठ महिला नेता और कार्यकर्ता शामिल रहीं, जिनमें,सारिका पासवान, मुकुंद सिंह, आभा लता यादव, प्रो. गीता यादव, सुनीता कुशवाहा, पूजा यादव, मीना राय, स्नेहा रानी, सुचित्रा चौधरी, विजयलक्ष्मी, गुड़िया यादव, संध्या राय, गीता कुमारी, रितु प्रिया चौधरी, नसीम जमाल, नीतू कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं.

इसके अलावा प्रमोद कुमार सिन्हा, कुमर राय, उपेंद्र चंद्रवंशी, गणेश कुमार यादव, विनोद कुमार यादव सहित अन्य राजद नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुये .

निष्कर्ष

राजद महिला प्रकोष्ठ का यह विरोध प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि बिहार की महिलाएं अब किसी भी तरह के अपमान को चुपचाप सहने वाली नहीं हैं. यह आंदोलन भाजपा के लिए चेतावनी है कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा.

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