डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन सौंपकर आइसा ने लंबित परीक्षाएं कराने और शैक्षणिक कैलेंडर नियमित करने की मांग की
तीसरा पक्ष ब्यूरो : पटना विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आया है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की पटना विश्वविद्यालय इकाई के आह्वान पर 6 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिरोध दिवस मनाया गया. इस दौरान छात्रों ने पटना लॉ कॉलेज प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा नियंत्रक की कार्यप्रणाली और विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराया.
छात्र संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रबंधन में लगातार हो रही गड़बड़ियों का सीधा असर हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं.

डीएसडब्ल्यू को सौंपा गया ज्ञापन
विरोध कार्यक्रम के दौरान आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने डीन छात्र कल्याण (DSW) को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में परीक्षा नियंत्रक की तत्काल बर्खास्तगी की मांग के साथ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को समयबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही गई.
प्रतिनिधिमंडल में आशीष, विवेक आनंद सुंदर, आदर्श, विवेक, अनुज, रणवीर और मोनू सहित कई छात्र प्रतिनिधि शामिल रहे. संगठन ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए.
आइसा की प्रमुख मांगें
आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, इनमें प्रमुख रूप से,
एलएलबी (LLB) एवं एलएलएम (LLM) प्रवेश परीक्षा का शीघ्र पुनः आयोजन.
सेमेस्टर-1 एवं सेमेस्टर-3 के परीक्षा परिणाम तत्काल जारी किए जाएं.
सेमेस्टर-2 की लंबित परीक्षाओं का जल्द आयोजन कराया जाए.
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित और समयबद्ध बनाया जाए.
परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए.
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छात्रों ने भविष्य पर पड़ रहे प्रभाव का मुद्दा उठाया
आइसा का कहना है कि परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही देरी और परीक्षाओं के आयोजन में अनिश्चितता के कारण विद्यार्थियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. समय पर परिणाम नहीं आने से उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन तथा रोजगार संबंधी अवसर प्रभावित हो रहे हैं.
संगठन का आरोप है कि यदि परीक्षा प्रणाली समय पर संचालित नहीं होती, तो इसका दीर्घकालिक प्रभाव छात्रों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर पड़ सकता है.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आइसा ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है, तो छात्र संगठन व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा.संगठन का कहना है कि वह छात्र समुदाय के साथ मिलकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेगा.
विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा
परीक्षा व्यवस्था किसी भी विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण आधार होती है.समय पर परीक्षाएं, पारदर्शी मूल्यांकन और निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के भविष्य के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी.
नोट: यह समाचार छात्र संगठन आइसा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित

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