मदरसा विवाद पर RJD का भाजपा पर हमला: एजाज अहमद बोले- शिक्षा के माहौल को नफरत की राजनीति से बचाया जाए

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Ajit Kumar

बिहार
मदरसा विवाद पर प्रेस बयान जारी करते RJD प्रवक्ता एजाज अहमद

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर RJD का पलटवार, शिक्षा और सामाजिक सौहार्द पर उठाए सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना: मदरसों को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया बयान पर बिहार की राजनीति भी गर्मा गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने प्रेस बयान जारी कर भाजपा पर शिक्षा के माहौल को प्रभावित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

एजाज अहमद ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की बुनियाद होती है और उसे राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना उचित नहीं है. उनके अनुसार, यदि शिक्षा संस्थानों को धार्मिक या राजनीतिक नजरिए से देखा जाएगा तो इसका असर समाज की एकता और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा.

भाजपा पर चुनावी एजेंडा चलाने का आरोप

RJD प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए मदरसों जैसे विषयों को राजनीतिक बहस का केंद्र बना रही है. उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय इस तरह के बयान चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे सकते हैं.

एजाज अहमद ने कहा कि बेहतर शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होने के बजाय धार्मिक शिक्षा संस्थानों को विवाद का विषय बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है.

मदरसों से शिक्षा प्राप्त करने वाली प्रमुख हस्तियों का किया उल्लेख

अपने बयान में एजाज अहमद ने कहा कि भारत के इतिहास में कई ऐसी प्रमुख हस्तियां रही हैं जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मदरसे या पारंपरिक अरबी-फारसी शिक्षा संस्थानों से प्राप्त की.

उन्होंने उदाहरण के तौर पर निम्न नामों का उल्लेख किया,

मुंशी प्रेमचंद
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
मौलाना महमूद हसन देओबंदी
मौलाना फज़्ले हक़ खैराबादी
मोहम्मद हामिद अंसारी
मौलाना हुसैन अहमद मदनी
अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ
रघुपति सहाय, फिराक़ गोरखपुरी
राजा शिवप्रसाद ,सितारे-हिंद

RJD का कहना है कि इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी व्यक्ति का योगदान उसके ज्ञान, चरित्र और कार्यों से आंका जाना चाहिए, न कि केवल उसकी प्रारंभिक शिक्षा के आधार पर.

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ज्ञान किसी एक संस्था का मोहताज नहीं

एजाज अहमद ने कहा कि ज्ञान किसी एक संस्था, समुदाय या शिक्षा पद्धति तक सीमित नहीं होता. उनका कहना है कि व्यक्ति की पहचान उसके सामाजिक योगदान, कार्य और चरित्र से होती है.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती है और शिक्षा के सकारात्मक माहौल को प्रभावित कर सकती है.

शिक्षा और सामाजिक सौहार्द पर दिया जोर

RJD प्रवक्ता ने कहा कि देश और समाज के हित में शिक्षा को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील किया कि शिक्षा, युवाओं के भविष्य और सामाजिक सौहार्द जैसे विषयों पर सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में कार्य करें.

निष्कर्ष

मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा और RJD के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जहां भाजपा इस मुद्दे को अपने दृष्टिकोण से रख रही है, वहीं RJD का आरोप है कि इस तरह की राजनीति शिक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए उचित नहीं है.आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रह सकता है.

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