तेजस्वी बोले अब नहीं सुनना चाहते लोग मोदी के जुमले

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Ajit Kumar

बिहार
तेजस्वी बोले अब नहीं सुनना चाहते लोग मोदी के जुमले

मोदी जी के भाषण से न पेट भरता, न रोजगार मिलता !

200 भाषण, 0 काम! बिहार को मिला क्या?

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 20 जून:राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज पटना स्थित पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार के सरकारी कार्यक्रमों को भाजपा के प्रचार माध्यम में बदल रहे हैं और इसका पूरा खर्च बिहार सरकार के खजाने से हो रहा है.

तेजस्वी ने कहा की प्रधानमंत्री जी 200 से ज्यादा बार बिहार आए, भाषण दिए लेकिन आज तक नहीं बता पाए कि बिहार को क्या दिया? सरकारी कार्यक्रमों में भाजपा के झंडे और बैनर लहराते हैं, मानो वह पार्टी का इवेंट हो.

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के आगमन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, जबकि राज्य में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता, मनरेगा मजदूरों के बकाये भुगतान की राह देख रहे हैं और छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं दी जा रही है.

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तेजस्वी ने कटाक्ष करते हुए कहा की प्रधानमंत्री जी बिना टेलीप्रॉम्पटर कुछ बोल ही नहीं पाते. उनके भाषणों में कोई ठोस बात नहीं होती, न कोई विज़न, न ही जनहित की सोच.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन और शासन की पूरी मशीनरी मोदी की रैली में भीड़ जुटाने में लगी रहती है, बावजूद इसके लोग अब उनके ‘जुमलों’ को सुनने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं.

तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा जो खुद को दुनिया की सबसे अमीर पार्टी बताती है, वह भी अपनी रैलियों का खर्च जनता की गाढ़ी कमाई से उठा रही है.उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जूझ रही है तो क्या ऐसे खर्च सही हैं?

संक्षेप में, तेजस्वी यादव का यह हमला स्पष्ट रूप से चुनावी माहौल में भाजपा के खिलाफ एक तीखी राजनीतिक रणनीति है, जिसमें वे जनता की भावनाओं और आर्थिक तकलीफों को केंद्र में रखकर भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं.

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