अटल सभागार में भावनाओं की गूंज, देशभक्ति से भरा माहौल
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 16 अगस्त:पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आज एक विशेष माहौल देखने को मिला. जहां आम दिनों में रणनीतिक बैठकों की चर्चा होती है. वहीं आज वहां श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रप्रेम का स्वर गूंज रहा था.भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुये थे. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. दिलीप जायसवाल द्वारा अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ.जिसके बाद सभी ने मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया.

अटल जी की सोच थी हिमालय जैसी ऊंची: डॉ. दिलीप जायसवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस अवसर पर अटल जी के जीवन और कार्यों को याद करते हुए कहा कि,
उनकी सोच हिमालय जैसी ऊँची और निर्णय लेने की शक्ति अटल पर्वत की तरह अडिग था. वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक युग थे.
उन्होंने वाजपेयी जी की दूरदर्शिता, सुशासन की परिकल्पना और राष्ट्र के लिए उनके समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आज भाजपा जो कुछ भी है. उसमें अटल जी की विचारधारा की नींव शामिल है.उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे वाजपेयी जी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें.
श्रद्धांजलि अर्पित करने जुटे वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता
इस भावपूर्ण कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. पटना की महापौर सीता साहू, श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल, मीडिया सह प्रभारी अमित प्रकाश बबलु, प्रवक्ता नीरज कुमार, कार्यालय मंत्री डॉ. प्रवीण पटेल, तथा अन्य कई प्रमुख पदाधिकारियों ने अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया.
हर किसी ने एक स्वर में कहा कि अटल जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है. इस दौरान उनके भाषणों और कविताओं का स्मरण भी किया गया.जिससे माहौल भावुक हो उठा.
ये भी पढ़े :प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि
ये भी पढ़े :उमा भारती का गांधी-गोडसे बयान: ‘आतंकवाद से बड़ा पाप था वह!
वाजपेयी का विजन: प्रगति, नवाचार और सुशासन का रास्ता
डॉ. जायसवाल ने कहा कि वाजपेयी जी ने जिस भारत की परिकल्पना किये थे . वह समृद्ध, आत्मनिर्भर और सबका साथ-सबका विकास की भावना से प्रेरित था.
उन्होंने न सिर्फ सड़कों का जाल बिछाया, बल्कि विचारों को जोड़ने का काम भी किया,उन्होंने कहा कि ,
आज की पीढ़ी को चाहिए कि वे अटल जी के विज़न को अपनाएं – जिसमें नवाचार हो, समावेश हो और सुशासन की गारंटी हो. उनके कार्यकाल में किए गए निर्णय आज भी देश की रीढ़ हैं – फिर चाहे वह पोखरण परमाणु परीक्षण हो या सर्वसम्मति से गठबंधन सरकार चलाना.
केवल श्रद्धांजलि नहीं, संकल्प का दिन बना 16 अगस्त
यह आयोजन केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि नहीं था. बल्कि एक संकल्प दिवस भी बना. कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे अटल जी के सपनों को साकार करने के लिए तन-मन-धन से कार्य करेंगे.
कार्यक्रम के अंत में उनके विचारों और कविताओं का पाठ हुआ. जिससे वातावरण देशभक्ति और प्रेरणा से भर गया.
निष्कर्ष: अटल जी हैं, अटल रहेंगे
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन उनकी विचारधारा, कार्यशैली और नेतृत्व आज भी हर कार्यकर्ता के दिल में जीवित है.
उनकी पुण्यतिथि पर भाजपा द्वारा किया गया यह आयोजन न सिर्फ अतीत को सम्मान देने की पहल थी. बल्कि भविष्य को दिशा देने का संकल्प भी.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.



















