कामरेड बृज बिहारी पांडेय की चौथी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि

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Ajit Kumar

बिहार
कामरेड बृज बिहारी पांडेय की चौथी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि

उनके योगदानों को याद करते हुए राजनीतिक दिशा पर चर्चा

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 26 अगस्त 2025:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के वरिष्ठ नेता, विचारक और संगठन के कई मुखपत्रों के दीर्घकालीन संपादक रहे कामरेड बृज बिहारी पांडेय को उनकी चौथी पुण्यतिथि पर आज श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया. पटना स्थित पार्टी राज्य कार्यालय में आयोजित स्मृति सभा में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों ने उन्हें नमन किया और उनके संघर्षों, विचारों और राजनीतिक धरोहर पर चर्चा किये.

जन आंदोलन के प्रति अद्वितीय समर्पण

कार्यक्रम की शुरुआत का. पांडेय के चित्र पर माल्यार्पण से हुई. जिसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन से जुड़े संस्मरण को साझा किया गया .समकालीन लोकयुद्ध के सह-संपादक प्रदीप झा ने कहा कि,पांडेय जी का जीवन हम सबके लिए एक मार्गदर्शक है. उन्होंने अपने हर कार्य को जनता के हित में पूरी निष्ठा और कर्मठता से किया, जो हमें आज भी प्रेरित करता है.

राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

वरिष्ठ नेता सरोज चौबे ने कामरेड पांडेय के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि, उनकी राजनीतिक विरासत को सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.उन्होंने विचारधारा और व्यवहार के स्तर पर पार्टी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया.

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मार्क्सवादी चिंतन और संगठन निर्माण में नेतृत्व

पार्टी के मीडिया प्रभारी कुमार परवेज ने पांडेय जी को याद करते हुए उन्हें भाकपा-माले का एक सशक्त स्तंभ बताया. उन्होंने कहा की,का. पांडेय न सिर्फ एक कुशल संपादक थे. बल्कि एक गहरे मार्क्सवादी चिंतक भी थे. का. विनोद मिश्र और का. डी.पी. बख्शी के साथ उन्होंने पार्टी की वैचारिक और सांगठनिक नींव को मजबूत किया. सामूहिक नेतृत्व और विचारधारा के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता से हमने बहुत कुछ सीखा.

संवादशीलता और संवेदनशीलता की मिसाल

राज्य कमिटी सदस्य समता राय ने कहा कि का. पांडेय की एक विशेषता उनकी सहजता और संवादशीलता थी.वे महिला मुद्दों को गंभीरता से लेते थे और खुलकर संवाद करते थे. नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के साथ उनका जुड़ाव प्रेरणादायक था.

स्मृतियों में जीवंत संघर्ष

कार्यक्रम का संचालन लोकयुद्ध के प्रबंध संपादक संतलाल ने किया. उन्होंने कहा की,का. पांडेय के साथ बिताए क्षण आज भी हमारे स्मृतिपटल पर जीवित हैं. उनका मार्गदर्शन और विचारधारा के प्रति समर्पण हमारे संघर्षों की रोशनी है.

इस श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ नेता के.डी. यादव, प्रकाश कुमार, विभा गुप्ता, अभय पांडेय, संजय यादव, विनय कुमार, पुनीत पाठक, अविनाश कुमार, रिया और रूनझुन समेत कई कार्यकर्ता और साथी मौजूद थे.

संपादकीय टिप्पणी

कामरेड बृज बिहारी पांडेय न केवल एक राजनेता, बल्कि विचार, संगठन और जन सरोकारों की त्रिवेणी थे.उनकी स्मृति में आयोजित यह सभा हमें याद दिलाती है कि सच्चे नेता केवल इतिहास नहीं बनाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता भी छोड़ जाते हैं.

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