प्रधानमंत्री की माताजी पर अमर्यादित टिप्पणी के खिलाफ महिला मोर्चा की आक्रोश यात्रा

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Ajit Kumar

बिहार
प्रधानमंत्री की माताजी पर अमर्यादित टिप्पणी के खिलाफ महिला मोर्चा की आक्रोश यात्रा

पटना में सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 28 अगस्त 2025 –राजधानी पटना के वीर चंद्र पटेल पथ उस समय गुस्से और आक्रोश का केंद्र बन गया, जब भाजपा महिला मोर्चा, बिहार प्रदेश ने एक ज़ोरदार आक्रोश यात्रा का आयोजन किया. यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माता जी के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया गया था.

पटना में सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं

इस आक्रोश यात्रा का नेतृत्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा महिला मोर्चा बिहार की अध्यक्ष डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने किया.उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति का अधिकार सभी को है. लेकिन किसी की माता के सम्मान पर प्रहार भारतीय संस्कृति के खिलाफ है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि सम्पूर्ण नारी सम्मान को अपमानित किया है.उन्हें देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए.

महिलाओं की बड़ी भागीदारी, गूंजा मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी के साथ आम महिलाएं भी शामिल रहीं.मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान जैसे नारे गूंजते रहे और महिलाओं ने एक सुर में अपने गुस्से और दुख का इज़हार किया. प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा समझनी चाहिए और सार्वजनिक जीवन में ऐसे स्तरहीन बयान कतई स्वीकार्य नहीं हैं.

प्रदेश नेतृत्व रहा मुखर

आक्रोश यात्रा की अगुवाई महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज जायसवाल ने की.इस मौके पर महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती भारती सुमन, वरिष्ठ नेत्री सुषमा साहू, प्रदेश मंत्री सीमा पांडेय, सीमा झा, शशि बेलडीहा, मीडिया इंचार्ज कुमारी बसुधा, माला सिन्हा, कांति केशरी, प्रीति पाठक, गुड़िया तिवारी, पिंकी यादव, सुनीता दुबे सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहीं.

कुमारी बसुधा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि;यह सिर्फ महिला मोर्चा की नहीं, बल्कि हर उस भारतीय महिला की आवाज़ है जो मान-सम्मान में विश्वास रखती है.राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है. लेकिन इस तरह की ओछी टिप्पणियां लोकतंत्र को दूषित करती हैं.

महिला शक्ति का शांत लेकिन सशक्त संदेश

यह आक्रोश यात्रा न केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया थी.बल्कि यह महिलाओं द्वारा मातृत्व और स्त्री-सम्मान के लिए दिया गया सशक्त सामाजिक संदेश भी था. भाजपा महिला मोर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे राजनीति में शालीनता और संस्कृति की सीमाओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेंगी.

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