कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब: पटना में दिखा जनआक्रोश
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 31 अगस्त – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता जी के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है.विरोध स्वरूप शुक्रवार को पटना में भाजपा ने जोरदार कैंडल मार्च निकाला. जिसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.

यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन भाजपा कार्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सप्तमूर्ति स्थल तक पहुँचा. हाथों में मोमबत्तियां और चेहरों पर गंभीर आक्रोश लिए हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विपक्ष—विशेषकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव—के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
बिहार मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा: डॉ. दिलीप जायसवाल
कैंडल मार्च के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा,
राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी की दिवंगत माता के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग निंदनीय और अस्वीकार्य है.बिहार की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में आलोचना की स्वतंत्रता है. पर मर्यादा की सीमाएं भी तय हैं. विपक्ष को भी अपने बातो को कहने का अधिकार है. लेकिन ऐसे अमर्यादित व्यवहार की कोई जगह नहीं हो सकती.
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मातृशक्ति ने व्यक्त किया आक्रोश: सम्राट चौधरी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस कैंडल मार्च को महिलाओं के आत्म-सम्मान की आवाज बताते हुए कहा,
पीएम मोदी की मां के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे मातृशक्ति का अपमान है. पटना की सड़कों पर माताओं-बहनों ने जो आक्रोश जताया है. वो यह दिखाता है कि बिहार नारी अपमान का मुँहतोड़ जवाब देगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस के नेताओं की भाषा में नफरत और दुर्भावना घुल चुकी है. जिसका समाज में गंभीर असर पड़ सकता है.
महिलाओं की बड़ी भागीदारी, भाजपा नेताओं की मजबूत उपस्थिति
कैंडल मार्च में भाजपा महिला मोर्चा की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. राज्यसभा सांसद एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष धर्मशीला गुप्ता, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा कपिल मिश्रा, विधायक अरुण सिन्हा, प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार, राधामोहन शर्मा, लाजवंती झा, सजल झा सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे.
इसके अतिरिक्त युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भारतेन्दु मिश्रा, महामंत्री सीमांत शेखर, प्रवक्ता अरविंद सिंह और मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार जैसे संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मार्च में शामिल हुए.
राजनीति बनाम मर्यादा: कहाँ खिंचेंगी सीमाएं?
भाजपा के इस मार्च ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई टिप्पणी को लेकर पार्टी पीछे हटने को तैयार नहीं है.इसे केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्य की रक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है.
अब देखना यह है कि विपक्ष इस मसले पर सफाई देता है या टकराव की राजनीति और तेज होती है.

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