वोटर अधिकार यात्रा रही नाकाम, विपक्ष नहीं चाहता पारदर्शी चुनाव: ऋतुराज सिन्हा का प्रहार

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Kumar Ranjit

बिहार
वोटर अधिकार यात्रा रही नाकाम, विपक्ष नहीं चाहता पारदर्शी चुनाव: ऋतुराज सिन्हा का प्रहार

चुनाव पारदर्शिता पर विपक्ष की दोहरी नीति: चुनाव

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 1 सितंबर—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए वोटर अधिकार यात्रा को एक पूर्ण असफलता करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह यात्रा मतदाता सूची के शुद्धिकरण के प्रयासों को बाधित करने के उद्देश्य से ही शुरू की गई थी.

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि , चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप जारी किया था और आपत्तियाँ दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी खुला रखा था. लेकिन इसके तुरंत बाद कांग्रेस और राजद नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत 16 अगस्त को हुई और समाप्ति उसी दिन कर दी गई जब मतदाता सूची में बदलाव के लिए फॉर्म 7 भरने की अंतिम तिथि थी. उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कहा कि जिन्हें लोकतंत्र की रक्षा की बात करनी चाहिए, वे चुनाव आयोग को निष्क्रिय करने की साजिश कर रहे हैं.

महागठबंधन ने नहीं दिखाया सहयोग

सिन्हा ने दावा किया कि चुनाव आयोग द्वारा सभी दलों से सहयोग की अपील की गई थी. पर महागठबंधन के किसी भी घटक ने कोई ठोस भागीदारी नहीं दिखाई.ना तो कोई शिकायत दर्ज कराई, ना ही किसी गड़बड़ी को सुधारने की ईमानदार कोशिश की गई.उद्देश्य केवल जनता में भ्रम फैलाना था.उन्होंने जोड़ा.

राहुल गांधी की यात्रा का क्या हासिल?

सिन्हा ने राहुल गांधी की बिहार यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता को इससे कोई ठोस लाभ नहीं हुआ.एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने भगीरथ मांझी को घर की चाबी सौंपते हुए दावा किया कि घर कांग्रेस ने बनवाया, जबकि वास्तविकता में वह घर पहले से ही मांझी का था—सिर्फ पेंट कांग्रेस द्वारा कराया गया था.

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सनातन और बिहारियों का अपमान स्वीकार्य नहीं

प्रेस वार्ता के दौरान ऋतुराज सिन्हा ने कांग्रेस द्वारा मंच साझा करने वाले कुछ नेताओं की भी आलोचना की, जिन पर बिहार और सनातन संस्कृति का अपमान करने का आरोप है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों को असंवेदनशील और भड़काऊ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की.

राहुल और तेजस्वी चुनाव सुधार के विरोधी

भाजपा नेता ने दोहराया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के पक्ष में नहीं हैं.ये दोनों नेता लोकतंत्र को मजबूत करने की बजाय उसे कमजोर करने का काम कर रहे हैं. ये स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के मार्ग में सबसे बड़े अवरोधक बन गए हैं.सिन्हा ने कहा.

निजी हमलों का भी किया जिक्र

उन्होंने कांग्रेस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को शर्मनाक बताते हुए इसकी घोर निंदा की.यह राजनीति का स्तर नहीं, पतन है.

प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल और सह मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश बबलू भी मौजूद थे.

निष्कर्ष

भाजपा ने एक बार फिर विपक्ष पर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया है और साफ संकेत दिया है कि आगामी चुनाव में ये मुद्दे जनता के बीच प्रमुखता से उठाए जाएंगे.मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी पारदर्शिता अब एक बार फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में है.

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