आम आदमी को बड़ी राहत: जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में ऐतिहासिक निर्णय

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Ajit Kumar

बिहार
आम आदमी को बड़ी राहत: जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में ऐतिहासिक निर्णय

प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर बढ़ता कदम

तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली, 3 सितंबर 2025 —देश की कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा जनोन्मुखी बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया. नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में आम आदमी को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए. इस बैठक की खास बात यह रही कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गठित रेट रिलैक्सेशन समिति की रिपोर्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली.

रोटी, कपड़ा और मकान होंगे सस्ते

समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर सुझाव दिया था कि आम जनता की बुनियादी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए कर ढांचे को सरल बनाया जाए.इसके तहत रोटी, कपड़ा और मकान जैसी लोगो कि मूलभूत आवश्यकताओं पर कर भार को कम करने के लीये सिफारिश किया गया है .काउंसिल ने इसे मानते हुए कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती को मंजूरी दे दी.

इस फैसले से आम आदमी की थाली से लेकर घर बनाने तक का खर्च हल्का होगा.

स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर बड़ा कदम

बैठक का सबसे अहम निर्णय रहा स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी को शून्य करना.अब लोगों को बीमा खरीदने पर अतिरिक्त कर नहीं देना होगा.यह कदम बीमा को ज्यादा सुलभ बनाएगा और स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देगा.

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प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर बढ़ता कदम

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फैसलों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
यह निर्णय माननीय प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदम है. जीएसटी प्रणाली को सरल और जनहितकारी बनाकर हम न सिर्फ आम जनता को राहत देंगे.बल्कि राज्यों और पूरे देश की आर्थिक समृद्धि को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.

सर्वसम्मति से पारित, सराहना हुई

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की.उन्होंने मंत्री समूह की अनुशंसाओं की सराहना की और काउंसिल ने इन्हें सर्वसम्मति से पारित किया.विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारत के कर ढांचे को और अधिक पारदर्शी व जनोन्मुखी बनाएगा.

निष्कर्ष

जीएसटी काउंसिल की यह बैठक केवल कर दरों में कटौती का मामला नहीं है. बल्कि यह सामान्य नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है.आने वाले दिनों में इसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब और देश की आर्थिक गति दोनों पर नज़र आएगा.

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