मनोज सिंह यादव बोले, रेलवे से जोड़कर ही अरवल का विकास संभव
तीसरा पक्ष ब्यूरो अरवल, 8 सितंबर 2025 –रेलवे संघर्ष समिति ने आज डॉ. भीमराव अंबेडकर वाचनालय, अरवल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बड़ा ऐलान किया है. समिति के मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव ने कहा कि अरवल जिला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चूका है .इसी कड़ी में 10 सितंबर 2025 को दानापुर डीआरएम मुख्यालय पर जेल भरो आंदोलन आयोजित किया जाएगा.
मनोज सिंह यादव ने कहा कि – मैं जेल से डरने वाला नहीं हूं. अरवल के विकास और यहां के लोगों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करूंगा.संविधान के सम्मान और जिले के अधिकार की रक्षा हेतु यह आंदोलन किया जा रहा है.
आंदोलन की रूपरेखा
समिति ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा. जिले को रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग वर्षों से की जा रही है. लेकिन अब तक केंद्र और राज्य सरकारों ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाया है.
बैठक में शामिल रहे प्रमुख लोग
प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक में मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव के साथ सहसंयोजक धनंजय कुमार, मंटू कुमार, रजनीश कुमार, कामेश्वर सिंह, तपसीराम, उमेश राम सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में कहा कि अरवल के विकास के लिए रेलवे लाइन बेहद जरूरी है और अब आंदोलन से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है.
क्यों जरूरी है रेलवे लाइन?
अरवल एक पिछड़ा जिला माना जाता है.जहां विकास की रफ्तार परिवहन व्यवस्था की कमी से थमी हुई है. रेलवे लाइन की सुविधा न होने से यहां के लोग रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान रहते हैं. समिति का मानना है कि रेलवे कनेक्टिविटी से न सिर्फ जिले का आर्थिक विकास होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
10 सितंबर को होगा ऐतिहासिक आंदोलन
रेलवे संघर्ष समिति ने दावा किया कि 10 सितंबर को दानापुर में होने वाला जेल भरो आंदोलन ऐतिहासिक साबित होगा. इसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भागीदारी होगी.
यह खबर केवल आंदोलन की घोषणा ही नहीं, बल्कि अरवल के लोगों की लंबे समय से चल रही उम्मीदों और संघर्ष की गूंज भी है.

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