वोट चोरी और रोजगार संकट पर तीखा प्रहार
तीसरा पक्ष ब्यूरो डुमरांव, 16 सितंबर 2025 – बक्सर जिले का ऐतिहासिक नगर डुमरांव मंगलवार को राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया, जब भाकपा(माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य अपनी एकदिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे.पूरे इलाके में उनका स्वागत जोश और उत्साह के साथ हुआ. संत रविदास, बाबा साहेब अंबेडकर और आज़ादी के शहीदों की स्मृति स्थलों पर माल्यार्पण कर उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत किया .
मुख्य कार्यक्रम नगर भवन में हुआ, जहां डुमरांव के भाकपा(माले) विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के पाँच वर्षों के कामकाज पर आधारित रिपोर्ट कार्ड का लोकार्पण किया गया. इस अवसर पर दीपंकर भट्टाचार्य मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे.
बदलो सरकार, बदलो बिहार
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब राज्य में एक ही नारा गूंज रहा है – बदलो सरकार, बदलो बिहार और वोट चोर, गद्दी छोड़, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र की असली खूबसूरती यही है कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच अपने कामकाज का हिसाब दें और जनता भी उनसे सवाल पूछे.
बिस्मिल्लाह खान की धरती और गंगा-जमुनी तहजीब
भट्टाचार्य ने डुमरांव की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह महान शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की धरती है. लंबे समय तक यहां उनकी स्मृति को लेकर कोई स्थायी पहल नहीं हुई थी, लेकिन माले विधायक के प्रयास से उनके नाम पर कला महाविद्यालय की स्थापना हो रही है.उन्होंने इसे गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.
विकास बनाम कॉरपोरेट लूट
उन्होंने कहा कि विधायक निधि से विकास कार्य महत्वपूर्ण है, लेकिन असली चुनौती है उन नीतियों को बदलना जो गरीब, किसान और बेरोजगारों के खिलाफ खड़ी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों – अडानी-अंबानी – के हवाले किया जा रहा है.
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पलायन और मताधिकार संकट
बिहार के युवाओं की दुर्दशा पर बोलते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि बड़ी संख्या में नौजवान रोज़गार की तलाश में पलायन को मजबूर हैं.दिल्ली में भाजपा ने, जहां झुग्गी, वहीं मकान का नारा दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हीं झुग्गियों में बसे बिहार के प्रवासियों को उजाड़ दिया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा चुनाव आयोग पर दबाव डालकर एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से गरीब और प्रवासी मजदूरों का नाम मतदाता सूची से हटाने में जुटी है. यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है.
शहीदों और संघर्षों का जिक्र
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और नौजवानों की शहादत का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि गुलामी के दौर में गोलियों से नौजवानों को मारा गया था, और आज लोकतांत्रिक भारत में रोजगार की मांग करने वाले युवाओं व बर्खास्त संविदा कर्मियों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं.
उन्होंने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा को याद करते हुए कहा कि आजादी, बराबरी और लोकतंत्र की लड़ाई को हर हाल में आगे ले जाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है.
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई
एसआईआर विवाद पर उन्होंने कहा कि माले और इंडिया गठबंधन ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। इसके नतीजे में तीन बड़ी जीत हासिल हुईं –
दस्तावेज जमा करने की अनिवार्यता हटवाई.
जिनके नाम कटे, उनकी सूची जारी करवाई.
आधार कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में मान्यता दिलवाई.
आरा के संघर्ष और लोकतंत्र का पाठ
उन्होंने आरा क्षेत्र में 1989 के उस संघर्ष का जिक्र किया जिसमें बिहटा गांव के गरीबों ने जान की कुर्बानी देकर वोट डालने का हक हासिल किया और मजदूर नेता रामेश्वर प्रसाद को संसद भेजा. उन्होंने कहा कि शाहाबाद हमेशा लोकतंत्र और बराबरी की लड़ाई की अग्रिम पंक्ति में रहा है.
नीतीश सरकार और केंद्र पर हमला
भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी प्रहार किया. उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास का नारा देकर उन्होंने भूमि सुधार और शिक्षा सुधार आयोग तो बनाया.लेकिन उसकी रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. नतीजा यह हुआ कि आज बिहार अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया गया है.
साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह देश की संप्रभुता को अमेरिका के हाथों गिरवी रख रही है.अमेरिकी दबाव में भारतीय नागरिकों का अपमानजनक निष्कासन और व्यापारिक टैरिफ पर चुप्पी इसी नीति का उदाहरण है.
समापन संदेश
अपने भाषण के अंत में उन्होंने दोहराया कि आज देशभर में एक ही आवाज गूंज रही है – वोट चोर गद्दी छोड़.जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और नौजवानों के भविष्य की रक्षा के लिए माले और इंडिया गठबंधन हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा.
यह रिपोर्ट दिखाती है कि डुमरांव का दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र, विकास, सांस्कृतिक विरासत और जनसंघर्षों को जोड़ने वाली एक व्यापक राजनीतिक पहल का हिस्सा था.

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