शून्यकाल में रणविजय साहू ने गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल और ₹50 लाख मुआवजे की मांग उठाई
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना:बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक एवं बिहार प्रदेश राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने पटना के करबिगहिया निवासी बंटी यादव के अपहरण के बाद हुई हत्या का मामला शून्यकाल में उठाया, उन्होंने सरकार से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कठोर सजा सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है.
यह मुद्दा ऐसे समय में विधानसभा में उठा है, जब बिहार में कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है.राजद ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
विधानसभा में क्या उठाई गई मांग?
विधायक रणविजय साहू ने शून्यकाल के दौरान कहा कि पटना के करबिगहिया निवासी बंटी यादव के कथित अपहरण के बाद हुई हत्या का मामला अत्यंत गंभीर है. उन्होंने सरकार से मांग किया है कि,
मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए.
स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए.
पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाकर परिवार को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जाए.
उनका कहना था कि गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई से कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है.
राजद का सरकार पर हमला
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में बढ़ते अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर्याप्त गंभीर नजर नहीं आती है . उनके अनुसार राज्य में अपहरण और हत्या जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल है.
उन्होंने कहा कि पार्टी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से पार्टी के विधायक रणविजय साहू ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया.
पीड़ित परिवार को न्याय की मांग
राजद की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार को इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. पार्टी ने दोहराया कि दोषियों की गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल और आर्थिक सहायता जैसे कदम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगे.
बयान में यह भी कहा गया कि सरकार को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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शून्यकाल का महत्व
बिहार विधानसभा में शून्यकाल वह समय होता है जब विधायक जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण और तत्काल ध्यान देने योग्य मामलों को सदन के समक्ष रखते हैं. इस दौरान उठाए गए मुद्दों के माध्यम से सरकार का ध्यान संबंधित मामलों की ओर आकर्षित किया जाता है.
बंटी यादव हत्याकांड का मामला भी इसी प्रक्रिया के तहत विधानसभा में उठाया गया, जहां विपक्ष ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की.
कानून-व्यवस्था पर जारी राजनीतिक बहस
हाल के वर्षों में बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक बहस देखने को मिलती रही है.विपक्ष जहां अपराध की घटनाओं को सरकार की विफलता से जोड़ता है, वहीं सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा करती रही है.
बंटी यादव हत्याकांड को लेकर भी विधानसभा में यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है.अब इस मामले में पुलिस जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी.
निष्कर्ष
पटना के करबिगहिया निवासी बंटी यादव की हत्या का मामला बिहार विधानसभा तक पहुंच गया है। विधायक रणविजय साहू ने शून्यकाल में दोषियों की गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई है। वहीं, राजद ने इस घटना को कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की है। मामले की आगे की जांच और सरकारी कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।
स्रोत: राष्ट्रीय जनता दल (राजद), बिहार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर

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