माले जांच दल ने परिजनों से की मुलाकात, आरोपियों के स्पीडी ट्रायल और नौकरी की मांग
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 8 अगस्त 2026: रोहतास जिले के दिनारा में मजदूर चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या के मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले की उच्चस्तरीय जांच टीम ने चंदेश्वर चौधरी के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. पार्टी ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने, एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.
माले जांच दल ने परिजनों से ली घटना की जानकारी
भाकपा माले के अनुसार, चंदेश्वर चौधरी की हत्या मजदूरी मांगने और काम करने से इनकार करने के बाद कथित तौर पर की गई. पार्टी की जांच टीम ने मृतक की पत्नी विमला देवी सहित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से मुलाकात किया.
जांच दल में काराकाट विधायक अरुण सिंह, रोहतास जिला सचिव जवाहर लाल सिंह, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत सिंह सहित पार्टी के कई नेता और जिला कमिटी सदस्य शामिल थे. बक्सर के इटाढ़ी प्रखंड सचिव बिरेंद्र सिंह और राजपुर प्रखंड सचिव भी टीम का हिस्सा रहे.
माले नेताओं के मुताबिक, परिजनों ने जांच दल को बताया कि अजीत तिवारी ने मजदूरी का बकाया पैसा देने के नाम पर चंदेश्वर चौधरी को बुलाया था. मृतक की पत्नी विमला देवी का आरोप है कि इसी दौरान धोखे से उनकी हत्या कर दी गई.
125 बीघा जमीन का भी उठाया गया मुद्दा
जांच के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने जमीन से जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठाया. भाकपा माले के मुताबिक, ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि अजीत तिवारी के पास करीब 125 बीघा जमीन है. इनमें से लगभग 30 बीघा जमीन को बिहार सरकार द्वारा सीलिंग से अतिरिक्त भूमि के रूप में अधिग्रहित किए जाने की बात कही गई.
पार्टी का दावा है कि इस जमीन पर भूमिहीन परिवारों के नाम बंदोबस्ती की गई और लाल पर्चे भी जारी किए गए, लेकिन संबंधित परिवारों को अब तक जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है. माले के अनुसार, उक्त भूमि पर अभी भी भू-स्वामी का कब्जा होने की शिकायत ग्रामीणों ने की है.
अरुण सिंह ने की तीन प्रमुख मांगें
भाकपा माले विधायक दल के नेता और काराकाट विधायक अरुण सिंह ने मामले में गिरफ्तार अजीत तिवारी, उनके बेटे और अन्य आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा देने की मांग की है.
उन्होंने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं है,
सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा दिया जाए.
मृतक चंदेश्वर चौधरी के उत्तराधिकारियों को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.
पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.
माले नेता ने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए और मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए.
ये भी पढ़े :पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने DGP को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
ये भी पढ़े :नोएडा सेक्टर-78 वाल्मीकि बस्ती में 20 दिन से बिजली-पानी संकट, 400 परिवार परेशान
भाजपा सरकार पर लगाया सामंती ताकतों को संरक्षण देने का आरोप
अरुण सिंह ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मुख्यमंत्री बनने के बाद सामंती ताकतों का मनोबल बढ़ा है और उन्हें संरक्षण मिल रहा है.
उन्होंने भाजपा पर सामंती जमींदारों के संरक्षण का राजनीतिक इतिहास होने का आरोप लगाते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है .
दिनारा मामले में न्याय की मांग तेज
चंदेश्वर चौधरी की हत्या को लेकर भाकपा माले ने मामले को मजदूरों, भूमिहीन परिवारों और ग्रामीणों के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.पार्टी का कहना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि मुकदमे की तेज सुनवाई और दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
फिलहाल माले की मुख्य मांगें पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल पर केंद्रित हैं. मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई तथा अदालत में होने वाली सुनवाई इस प्रकरण की दिशा तय करेगी.
निष्कर्ष
दिनारा में चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड ने मजदूरी, जमीन और ग्रामीण सामाजिक संबंधों से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है. भाकपा माले ने पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और त्वरित न्याय की मांग उठाई है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया में मामले को कितनी तेजी मिलती है.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.


















