पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने DGP को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

| BY

Ajit Kumar

बिहार
DGP को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव.

छात्रों पर कथित पुलिस फायरिंग, लाठीचार्ज और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर DGP से मुलाकात

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना : पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज के मामले को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है.

तेजस्वी यादव ने अपने ज्ञापन में कहा कि यदि किसी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने जैसी गंभीर कार्रवाई हुई है, तो इसकी जवाबदेही केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने मांग किया कि फायरिंग का आदेश देने वाले सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए.

Untitled design 2026 08 07T225613.798 तीसरा पक्ष

DGP से मुलाकात के बाद क्या बोले तेजस्वी यादव?

मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे मामले में केवल एक पुलिसकर्मी को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई समाप्त नहीं की जा सकती. उनके अनुसार यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किस स्तर से दिया गया और किन अधिकारियों ने इस निर्णय में भूमिका निभाई.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान यदि घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है. ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना कानून के शासन तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए आवश्यक है.

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें

डीजीपी को सौंपे गए ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से,

छात्रों पर कथित गोलीबारी की पूरी तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक की जाए.
फायरिंग की परिस्थितियों और आदेश देने वाले अधिकारियों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए.
भीड़ नियंत्रण के दौरान निर्धारित GRAP (Graded Response Action Plan) और SOP (Standard Operating Procedure) का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच हो.
फायरिंग का आदेश देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए.
पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए.

सरकार से मांगा जवाब

तेजस्वी यादव ने कहा कि इस पूरे मामले पर अब तक न तो केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया आई है और न ही बिहार सरकार ने संतोषजनक जवाब दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखने तथा यह स्पष्ट करने की मांग की कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई.

कानून-व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं. उनके अनुसार पेपर लीक, अपराध और प्रशासनिक विफलताओं का सबसे अधिक असर छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.सरकार को पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए.

पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग

तेजस्वी यादव ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की समस्या नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. उनका कहना था कि जब तक पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क, उसके कथित सरगनाओं और संरक्षण देने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना कठिन होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है.

ये भी पढ़े:विपक्षी सांसदों का पैदल मार्च: संसद से सड़क तक क्यों बढ़ा सियासी संघर्ष?
ये भी पढ़े:डिम्पल यादव का भाजपा पर निशाना: लोकतंत्र, शिक्षा और छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

विपक्षी दलों से भी की अपील

तेजस्वी यादव ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं से बिहार आकर छात्रों और युवाओं से मिलने तथा इस पूरे मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि बिहार के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है.

आंदोलन की चेतावनी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि छात्रों पर हुई कथित गोलीबारी की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई और पेपर लीक से जुड़े बड़े नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो विपक्ष राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा.

निष्कर्ष

पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़ा यह मामला बिहार की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण विषय बन गया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक जवाबदेही और पेपर लीक की जांच को लेकर कई गंभीर मांगें उठाई हैं. वहीं, इन आरोपों और मांगों पर सरकार तथा संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी.

Trending news

Leave a Comment