जमुई कांड पर तेजस्वी का हमला, बोले- आरोपियों को फांसी मिले

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Ajit Kumar

बिहार
तेजस्वी यादव जमुई घटना और बिहार की कानून व्यवस्था पर संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए

तेजस्वी यादव ने जमुई घटना को लेकर सरकार और सत्ता पक्ष के बयानों पर सवाल उठाए, स्पीडी ट्रायल की मांग की

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 22 सितंबर 2026: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद छात्र के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को पटना स्थित अपने आवास 01, पोलो रोड पर संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जमुई मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है .

तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई जैसी घटना ने बिहार को शर्मसार किया है.उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे कुछ लोगों की ओर से घटना को छिटपुट बताना या मामले को मोरल पुलिसिंग से जोड़ना पीड़ित परिवार की पीड़ा को कमतर करने वाला रवैया है. उन्होंने ऐसे बयान देने वालों से बिहार की जनता से माफी मांगने की मांग की है.

जमुई मामले में पुलिस की ओर से पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू किए जाने और विशेष जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है.पुलिस के अनुसार मामले में सात-आठ युवकों की पहचान की गई थी और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया था.

छिटपुट घटना वाले बयानों पर तेजस्वी का सवाल

तेजस्वी यादव ने अपने संवाददाता सम्मेलन में सत्तारूढ़ पक्ष के कुछ नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक घटना को छिटपुट घटना’ बताना उचित नहीं है. उन्होंने जदयू प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री श्रवण कुमार के कथित बयानों पर सवाल उठाया.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जमुई की घटना को छिटपुट घटनाओं के संदर्भ में बताया था, जिसके बाद तेजस्वी यादव ने इस बयान पर आपत्ति जताई थी.

तेजस्वी ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना पर चर्चा करते समय सबसे पहले पीड़ित और उसके परिवार की स्थिति को समझना चाहिए.उनके अनुसार, घटना को दूसरे मुद्दों से जोड़कर मूल सवाल से ध्यान नहीं हटाया जाना चाहिए.

आरोपियों के लिए स्पीडी ट्रायल और फांसी की मांग

तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई के पुलिस अधीक्षक के अनुसार घटना में सात से आठ लोग शामिल थे. उन्होंने मांग की कि घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ तेज गति से न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाए और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए.

अपने बयान में तेजस्वी ने विशेष रूप से फांसी की सजा की मांग की है. हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम सजा अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानून के आधार पर तय की जाती है.

जमुई मामले में पुलिस ने BNS और POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की है.

पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने बिहार में कानून-व्यवस्था के व्यापक मुद्दे को जमुई घटना से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं में पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए.

उन्होंने जमुई घटना के साथ पुलिस कस्टडी में हुई मौतों का भी मुद्दा उठाया है. संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने पालीगंज के अजय मांझी, सीतामढ़ी के गुफरान आलम और तस्लीम अंसारी, मधुबनी के रौशन यादव, कटिहार के राकेश कुमार, भोजपुर के भरत तिवारी और मुजफ्फरपुर के जगतवीर राय समेत कई मामलों का उल्लेख किया है.

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में पुलिस कस्टडी और जेल से जुड़े मामलों में 19 लोगों की मौत हुई है. यह संख्या और इन मामलों से जुड़े उनके अन्य आरोप उनके संवाददाता सम्मेलन में किए गए दावे हैं; इनके स्वतंत्र सत्यापन को अलग से देखा जाना आवश्यक है.

सासाराम के अमरजीत यादव मामले का भी जिक्र

संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने सासाराम में पुलिस कस्टडी में अमरजीत यादव की मौत का मामला भी उठाया है.उन्होंने मृतक के परिवार के सदस्यों के साथ न्याय की मांग की और आरोप लगाया कि अमरजीत यादव को पहले पुलिस ने मामले में फंसाया और बाद में कस्टडी में उसकी मौत हो गई.

मृतक के चाचा छोटन ने भी संवाददाता सम्मेलन में घटना का अपना पक्ष रखा.तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद की ओर से मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता दी गई है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई, सासाराम जेल अधीक्षक को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.

बिहार सरकार से जवाब मांगने की कोशिश

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ ऐसी घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाने की बात कही थी.इसी आधार पर तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से अपने कथित वादे पर कायम रहने की मांग की है.

यह बयान फिलहाल विपक्ष के नेता के राजनीतिक आरोप और मांग के रूप में देखा जाना चाहिए.सरकार और संबंधित नेताओं का पक्ष किसी भी विस्तृत रिपोर्ट में अलग से शामिल किया जाना आवश्यक होगा.

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जमुई घटना में अब तक क्या सामने आया?

जमुई की घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद छात्र को एक समूह ने रोका और उनके साथ बदसलूकी की. घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस के अनुसार मामले में सात-आठ युवकों की पहचान की गई थी.तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किए जाने और अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए एसआईटी द्वारा छापेमारी की जानकारी भी सामने आई.

22 सितंबर को मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने और उसके बाद गिरफ्तार किए जाने की खबर भी सामने आई.इस घटनाक्रम की स्वतंत्र कानूनी जांच और आधिकारिक विवरण को मामले की आगे की कार्रवाई के संदर्भ में देखा जाना होगा.

अब सवाल कार्रवाई और जवाबदेही का

जमुई मामले ने बिहार में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है.एक तरफ पुलिस जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं विपक्ष सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांग रहा है.

तेजस्वी यादव ने अपने संवाददाता सम्मेलन के जरिए सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग किया कि जमुई जैसी घटना में दोषियों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई होगी और पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी। दूसरी ओर, मामले की वास्तविक जिम्मेदारी और दोष का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.

जमुई प्रकरण में आगे की कार्रवाई अब इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच एजेंसियां सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी किस तरह करती हैं तथा अदालत के सामने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है.

समाचार स्रोत: राजद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं 22 सितंबर 2026 को पटना के 01, पोलो रोड स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयान

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