गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर शुरू अभियान, गांव-गांव पहुंचेगा समरसता और समानता का संदेश
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 7 अगस्त: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर बिहार सरकार और भारतीय जनता पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में समरसता संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को पटना स्थित ज्ञान भवन में किया गया.अभियान का उद्देश्य संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता, बंधुत्व और मानवता के संदेश को राज्य के प्रत्येक गांव, मंदिर और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा भाजपा संगठन के सभी 52 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष मौजूद रहे. पूरे आयोजन में सामाजिक एकता और समरसता के संदेश को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया.

दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर की. इस अवसर पर उपस्थित साधु-संतों का अंगवस्त्र देकर सम्मान भी किया गया.
इसके बाद गुरु रविदास जी के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश पर आधारित एक प्रेरणादायी वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेश झा ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया.
वाराणसी से लाई गई पावन मिट्टी से भरे कलश बने आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण वाराणसी स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली श्री गोवर्धनपुर से लाई गई पावन मिट्टी से भरे पवित्र कलश रहे.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा संगठन के सभी 52 जिलाध्यक्षों को यह पवित्र कलश सौंपते हुए सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया. इन कलशों को विशेष रथ के माध्यम से प्रत्येक जिले तक ले जाया जाएगा. वहां से यह अभियान गांवों, मंदिरों और संत समाज तक पहुंचेगा, जहां सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन-कीर्तन, समरसता संकल्प और भंडारे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता का दिया संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी के विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं.उन्होंने सामाजिक समानता, मानव गरिमा और भेदभाव से मुक्त समाज की जो कल्पना की थी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है.
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाध्यक्षों से आग्रह किया कि वे इस अभियान को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक समरसता का संदेश पहुंचाने का माध्यम बनाएं. उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में ऐसे अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
संजय सरावगी बोले—यह केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक जनआंदोलन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पहली बार बिहार सरकार ने गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर इतने व्यापक स्तर पर समरसता अभियान प्रारंभ किया है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी की पावन धरती से निकला संत रविदास का संदेश अब बिहार के गांव-गांव तक पहुंचेगा.
संजय सरावगी ने कहा कि पवित्र कलश में लाई गई मिट्टी केवल मिट्टी नहीं, बल्कि संत रविदास की तपस्या, समता, सेवा और मानवता के विचारों का प्रतीक है.उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले जाति और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर समानता और बंधुत्व का संदेश दिया था, जिसकी आज भी समाज को आवश्यकता है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का व्यापक जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ना है.
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गांव-गांव तक पहुंचेगा समरसता का संदेश
अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.इन कार्यक्रमों के माध्यम से संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होगा.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जातीय भेदभाव समाप्त करने, सामाजिक सौहार्द बढ़ाने और विकसित भारत एवं विकसित बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में आयोजित कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सेवा भावना को और मजबूत करेंगे.
सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश पर रहा विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक न्याय, समान अवसर, मानव गरिमा और भाईचारे की प्रेरणा देता है. उनके विचार केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं.
वक्ताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक समरसता, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाना है. इसके लिए धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और साधु-संत रहे उपस्थित
कार्यक्रम में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार, मंत्री रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, दिलीप जायसवाल, नंद किशोर राम, लखेंद्र पासवान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, मिथिलेश तिवारी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन, बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया सहित कई विधायक, पूर्व मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, संत-महात्मा और हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
कार्यक्रम का संचालन पूर्व मंत्री जनक राम ने किया तथा समापन संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जयघोष और सामाजिक समरसता के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ.
निष्कर्ष
पटना से शुरू हुआ समरसता संकल्प अभियान संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समानता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है. पवित्र कलशों के माध्यम से यह अभियान बिहार के सभी 52 संगठनात्मक जिलों और वहां से गांव-गांव तक पहुंचेगा. सरकार और भाजपा संगठन का दावा है कि इस पहल के माध्यम से सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सशक्त किया जाएगा.

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