पेंशन बढ़ोतरी नहीं, चुनावी सौदा है: भट्टाचार्य

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Ajit Kumar

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मोदी–नीतीश सरकार लोगों की तकलीफ पर कर रही राजनीति: भट्टाचार्य

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना 21 जून:भाकपा (माले) के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि मोदी–नीतीश सरकार ने बीस वर्षों की उपेक्षा के बाद, चुनावी दबाव में आकर वृद्धावस्था और विकलांगता पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 किया है — यानी रोज़ाना केवल ₹13 से ₹37! क्या हमारे बुजुर्गों और दिव्यांग साथियों की ज़िंदगी की कीमत इतनी ही है?

यह कोई जनकल्याण नहीं, बल्कि जनता की पीड़ा पर आधारित एक बेहया राजनीतिक सौदा है. लेकिन अब बिहार की जनता इस छलावे में नहीं आने वाली. उसे भली-भांति समझ आ गया है कि यह सरकार गरीबों की ज़िंदगी से मुँह मोड़ चुकी है.

मोदी–नीतीश सरकार को देना होगा जवाब!

बिहार के लगभग एक करोड़ परिवार क्यों ₹6,000 से भी कम मासिक आय पर जीने को मजबूर हैं?

राज्य के योजना कर्मियों को देश में सबसे कम वेतन क्यों दिया जाता है?

न्यूनतम मज़दूरी का भुगतान आज तक क्यों सुनिश्चित नहीं हुआ?

सबसे गरीब परिवारों को ₹2 लाख की सहायता देने का वादा अब तक अधूरा क्यों है?

INDIA गठबंधन का वादा: सच्चे बदलाव की राह

हमारा संकल्प है कि बिहार में बदलाव सिर्फ नारों से नहीं, ठोस नीतियों और फैसलों से आएगा

वृद्ध, विकलांग और अन्य ज़रूरतमंद नागरिकों को कम से कम ₹1,500 मासिक पेंशन.

ज़रूरतमंद महिलाओं को ₹2,500 की मासिक सहायता, ताकि उन्हें सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिल सके.

बिहार हक़ चाहता है, और बदलाव अब ज़रूरी है.
समय आ गया है कि इस असंवेदनशील और वादाखिलाफ़ सरकार को सत्ता से हटाकर, एक नई उम्मीद और न्यायपूर्ण शासन की शुरुआत की जाए.

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